
आयोग के निर्देश पर आवेदिका को अनावेदिका 03 लाख रू एकमुश्त भरण पोषण कलेक्टर जिला धमतरी के समक्ष देगी।
जिला शिक्षा अधिकारी कांकेर उभय पक्षों को स्थानांतरित कर आयोग का रिपोर्ट पेश करेंगे।
आयोग ने कांकेर एवं धमतरी के सखी व संरक्षण अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी आवेदिका को प्रतिमाह 10000/-रू. भरण पोषण तथा शादी का समस्त सामान वापस करायेगें।
आयोग की समझाईश पर अनावेदक दोनों बच्चोें को 2000-2000/-रू. प्रतिमाह देने के लिए तैयार हुआ।
3/6/2026/ धमतरी जिले में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य सुश्री दीपिका सोरी सह प्रभारी श्रीमती सरला कोसरिया ने जिला धमतरी के कलेक्टर सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जन सुनवाई की छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर 408 एवं जिला में 13 वां जन सुनवाई हुई। प्रकरण संख्या 32 थे।
आज की सुनवाई के दौरान उभय पक्ष उपस्थित। दोनो पक्षों के द्वारा सुलहनामा हो गया है, जिस हेतु प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।
उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका अपने पिता की प्रथम पत्नी की पुत्री है जो वर्तमान मे बी.ए. फाईनल की पढाई कर चुकी है और अपनी दादी के साथ रहती है। अनावेदिका क्र. 01 आवेदिका की सौतेली मां है और अनावेदक क्र. 02 सौतेला मामा एवं क्र. 03 सौतेली मामी है। आवेदिका के पिता की मृत्यू दिनांक 31.12.2025 को हुई है। आवेदिका के पिता शिक्षा विभाग में प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक थे और उनके मृत्यू के पश्चात् उनके अनुकंुपा नियुक्ति की कार्यवाही नहीं हुई। आवेदिका के पिता के मृत्यू के पश्चात् अपने दादी के साथ रह रही है तथा अपने और दादी के पालन पोषण का कोई जरिया नहीं है। अनुकम्पा नियुक्ति पाने का आवेदन लगाया है अनावेदिका पेंशन एवं अपने बेटे अनुकम्पा नियुक्ति दिलाने का आवेदन लगाया है। प्रकरण को विस्तार से सुना गया आवेदिका और उसकी दादी एक हिस्सेदार और अनावेदिका क्र. 01 एवं 02 एक हिस्सेदार है तथा अनावेदिका क्र. 01 को आजीवन अपनी पति की पेंशन प्राप्त होगी। ऐसे दशा में आवेदिका और उसकी दादी के पालन पोषण के लिए अनुकम्पा नियुक्ति पाने की हकदार आवेदिका है जिसे दोनों हिस्सेदारों का के बीच बराबर बटवारा हो सकता है। अतः आयोग इस बात की अनुशंसा करता है कि आवेदिका को अपने पिता के स्थान पर जिला शिक्षा विभाग से अनुकम्पा नियुक्ति पाने की अपेक्षा है और अनावेदिका 01 स्वः पति के पेशन पाने की पात्रता रखती है। आयोग इस अनुशंसा के पालन जिला शिक्षा अधिकारी जिला कांकेर 02 माह के अंदर इस कार्य में अनावेदक 01 एवं 02 की सुरक्षा महिला संरक्षण अधिकारी कांकेर के द्वारा किया जावेगा। क्रियान्वयन प्रतिवेदन 02 के भीतर प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा प्रकरण को नस्तीबद्ध किया जायेगा।
उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका 77 वर्ष की विधवा महिला है अनावेदक 40 वर्ष का व्यक्ति आवेदिका ने अनावेदिका के खिलाफ शिकायत किया है कि अनावेदक अपने साथ घर ले जाने की बात करता है आवेदिका का बेटा मानसिक रोगी है जिस हेतु उसकी संपत्ति का पाने हेतु मानसिक रूप से लगातार परेशान करता है इस दशा में 01 साल तक नियमित निगरानी हेतु महिला संरक्षण अधिकारी बालोद को प्रति सप्ताह नियमित रूप से बुलाकर उन्हें काउंसििलग करने हेतु निर्देश दिया गया है। आवेदिका एवं अनावेदक के गांव वालो को बुलाकर जानकारी लिया जाए तथा थाना बालोद से रिपोर्ट प्राप्त करें इस हेतु सखी सेेंटर बालोद को पुलिस रिपोर्ट प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया है, इस आधार पर प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।
आवेदिका उपस्थित अनावेदिक अनुपस्थित। न्यायालय में मामला लंबित है उसके साथ अनावेदक ने मारपिट किया गया है जिस पर महिला संरक्षण अधिकारी आवेदिका के लिए घरेलू हिंसा का प्रकरण बनाकर न्यायालय में मामला प्रस्तुत कर सकती है, इस आधार पर प्रकरण को नस्तीबद्ध किया जाता है।
आवेदिका उपस्थित अनावेदिक अनुपस्थित। आवेदिका ने बताया कि मामला भरण पोषण का प्रकरण न्यायालय में प्रक्रियाधीन होने के कारण प्रकरण को नस्तीबद्ध किया जाता है।
उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका द्वारा यह जानकारी दिया गया कि थाना में अनावेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जा चुका है जिस हेतु प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया है।
आवेदका उपस्थित, अनोवदक क्र. 01 उपस्थित एवं शेष अनुपस्थित। आवेदिका के पिता शासकीय सेवा में थे जिनके मृत्यू पश्चात् लगभग 12 या 13 लाख बैंक में जमा है 35000 से 40000 रू. प्रतिमाह पेंशन मिलता है। आवेदिका का विवाह नही हुआ है और उसे अपने पिता के संपत्ति का पूरा हक है। आवेदिका की मां अपने पति के घर मे रह है और अपने बेटी को 5000 रू प्रतिमाह दिया जा रहा है। आवेदिका के पिता का लगभग 12 या 13 लाख बैंक में जमा है जिसमें से 900000 लाख रू. वर्तमान में जमा है। अनोवदक द्वारा दिनांक 07.07.2026 को आवेदिका को 300000 लाख रू. कलेक्टर जिला धमतरी के समक्ष दिया जावेगा जिस हेतु महिला संरक्षण अधिकारी को दायित्व सौंपा जाता है तथा निर्धारित समयावधि मे आवेदिका को राशि नहीं दी जाती है तो अनावेदकगण के खिलाफ दिवानी का मामला आवेदिका द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत कर सकते है, इस आधार पर प्रकरण को नस्तीबद्ध किया जाता है।
उभय पक्ष उपस्थित। अनावेदिका ने आवेदक के खिलाफ विभाग में शिकायत किया गया था जिसकी विस्तृत जांच हेतु जिला शिक्षा अधिकारी कांकेर के्र द्वारा किया गया। आनावेदक ने आवेदिका के खिलाफ अभ्रदता टिप्पणी की गई जिस हेतु आवेदिका से कार्यभार ले लिया गया और आवेदिका को कार्यभार देने हेतु आदेश जारी किया गया था दोनो पक्षों क्रो कथन बयान सुनने के उपरांत बागोडार विकासखण्ड के अलावा कांकेर जिला के किसी भी विकासखण्ड में स्थानातांरित तत्काल प्रभावशील से करें ताकि शिकायतों का अंतिम समाधान निकल सकें तथा जिला शिक्षा अधिकारी कांकेर दोनों की समस्त शिकायतों का अंतिम समाधन निराकरण आयोग को प्रेषित करें, जिसके उपरांत प्रकरण द्वारा नस्तीबद्ध किया जावेगा।
उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका की शिकायत पर अनावेदक द्वारा बार बार उनका वेतन काटा जाता है और उसे डाटा एन्ट्री आॅपरेटर के अतिरिक्त अन्य कार्यो के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। अनावेदक आवेदिका का वेतन काटा जाता है और आवेदिका का बकाया वेतन अनावेदक देवे और आवेदिका को डाटा एन्ट्री आॅपरेटर के अतिरिक्त जिम्मेदार न ठहराए और उनका वेतन न काटा जाए और परेशान न किया जाये और यदि अनावेदक द्वारा आयोग के आदेशों का पालन नहीं किया जाता है तो आवेदिका द्वारा आवेदन आयोग को प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया तत्पश्चात् आयोग अनावेदक की नियुक्ति समाप्ति हेतु मंत्री महोदय केदार नाथ कश्यप जी को पत्र प्रेषित किया जावेगा, जिस हेतु प्रकरण को नस्तीबद्ध किया जाता है।
उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका के स्वः पति की मृत्यू दिनंाक 12.11.2025 को हुई थी। अनावेदकगण आवेदिका के ससुराली रिश्तेदार है। अनोवदक क्र. 01 नरहरपुर तहसील में लिपिक के पद पर कार्यरत् है। आवेदिका की चार माह की बेटी है और आवेदिका के पास अपने भरण पोषण का कोई साधन नहीं है और अब तक आवेदिका एवं बच्ची को कोई भरण पोषण अनावेदक क्र. 01 के द्वारा नहीं दिया गया है। उभय पक्ष को विस्तृत रूप से सुने जाने के पश्चात् और समझाईश दिये जाने के पश्चात् अनावेदक क्र. 01 को आवेदिका के बच्ची को प्रतिमाह 10000 मासिक भरण पोषण देने के लिए तैयार है और आवेदिका द्वारा दिये गये समस्त सामनों को दिये जाने के लिए तैयार है कुछ सामानों को अनोवदकगण के द्वारा बेच दिया गया है जिसका मूल्य भी आवेदिका को देने के लिए तैयार है अनावेदक द्वारा यदि प्रतिमाह भरण पोषण राशि देने में अनाकानी की जाती है तो आवेदिका सभी अनावेदकगणों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज कर सकती है। इस मामलेें में धमतरी और कांकेर सखी प्रशासीका को नियुक्ति किया जाता र्है। अनोवकदगण से मिलकर आवेदिका का समान व गहने वापस दिलाने में सहयोग प्रदान करें तथा उसका लिखित इकरारनामा अपने पास रखें तथा अनावेदक क्र. 01 प्रतिमाह आवेदिका के खाते में प्रतिमाह 10000 आवेदिका के खाते में भेजंेगे और उसकी जानकारी महिला संरक्षण अधिकारी को देंगे और महिला संरक्षण अधिकारी इस प्रकरण की निगरानी 02 वर्ष तक करने का निर्देश दिया गया इस आधार पर लिखित प्रतिवेदन मिलने पर आयोग द्वारा प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया जावेगा।
उभय पक्ष उपस्थित। उभय पक्ष का मामला न्यायालय मंे प्रक्रियाधीन इन दोनों का 04 वर्ष का 01 बेटा है आवेदिका के पास रहता है। दोनों पक्ष मामला दर्ज करा चुके है तथा आवेदिका के बच्चें का बैंक में खाते खुलवाया जाए और अनावेदक बच्चें के खाते में भरण पोषण हेतु एकमुश्त/प्रतिमाह देगा इस आधार पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाता है।
उभय पक्ष उपस्थित। विस्तार से सुना गया आवेदिका और अनावेदक के 02 बच्चें है जो 04 माह से आवेदिका के पास है और आवेदिका अपने बच्चेें के पालन पोषण के लिए सक्षम है। अनावेदक दोनों बच्चों के लिए प्रतिमाह 2000-2000 रू. देने के लिए तैयार है। आवेदिका एवं अनावेदक दोनों आपसी सलाहमंदी से तलाक लेने के लिए तैयार है तथा अनावेदक क्र. 02 को इन दोनों की बीच में न आने की सलाह दी जाती है इस आधार पर प्रकरण को नस्तीबद्ध किया जाता है।









