Ro no D15139/23

हरित खाद, नीली-हरी शैवाल और जैव उर्वरकों पर जोर दिया कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने

*हरित खाद, नीली-हरी शैवाल के उत्पादन तकनीक और उपयोग को गांव-गांव तक पहुंचाएं*

*राज्य के 150 से अधिक कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों को दिया गया प्रशिक्षण*

रायपुर, 04 अप्रैल 2026 (IMNB NEWS AGENCY) कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ की। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि “हरित खाद, नीली-हरी शैवाल एवं जैव उर्वरकों” पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी खरीफ सीजन से पहले किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्पों के प्रति जागरूक करना और सतत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना था।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए हरित खाद, नीली-हरी शैवाल और जैव उर्वरक जैसे विकल्प फसलों की पोषक आवश्यकताओं का लगभग 50 प्रतिशत तक पूरा कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले दो से तीन महीनों में इन तकनीकों के उत्पादन और उपयोग को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर उभरती अनिश्चितताओं के बीच छत्तीसगढ़ ने टिकाऊ कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दक्षिण-पूर्व एशिया और विशेषकर ईरान में जारी संघर्ष के कारण पेट्रोलियम उत्पादों एवं उर्वरक निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल के आयात पर संभावित असर को देखते हुए राज्य सरकार ने वैकल्पिक पोषक स्रोतों को बढ़ावा देने की पहल तेज कर दी है।

तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने मृदा स्वास्थ्य सुधार और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता के लिए जैविक एवं पर्यावरण-अनुकूल उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने बताया कि नीली-हरी शैवाल नाइट्रोजन स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, विशेषकर धान की खेती में इसकी उपयोगिता अधिक है। वहीं, हरित खाद से मृदा की संरचना बेहतर होती है और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है। समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन को भविष्य की कृषि के लिए अनिवार्य बताया गया।

कार्यक्रम में कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें नीली-हरी शैवाल उत्पादन की तकनीक का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा खरीफ सीजन के लिए इन विकल्पों के व्यापक उपयोग की रणनीति पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन वैकल्पिक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो न केवल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि किसानों की लागत में कमी और मृदा स्वास्थ्य में सुधार भी सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम के अंत में सतत, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।

  • Related Posts

    रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की छापेमार कार्रवाई अंबिकापुर के थोक खाद्य एवं मिठाई बाजारों का औचक निरीक्षण, वेफर्स का नमूना जांच हेतु भेजा

      अम्बिकापुर 17 अगस्त 2026/   राज्य में आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा आगामी रक्षाबंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट,…

    Read more

    रायपुर में सरगुजा संभाग की छात्राओं ने दी देशभक्ति की शानदार प्रस्तुति राज्य स्तरीय समारोह में सरगुजा की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बढ़ाया गौरव

      अम्बिकापुर 17 अगस्त 2026/   80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य राज्य स्तरीय समारोह में सरगुजा की छात्राओं…

    Read more

    NATIONAL

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान