
अम्बिकापुर 10 अगस्त 2026/ बिहान योजना से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं, बल्कि कृषि एवं अन्य आजीविका गतिविधियों को अपनाकर आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। ग्राम पंचायत मेंड्रा कला की रहने वाली अनिमा तिग्गा भी ऐसी ही महिला हैं, जिन्होंने समूह से जुड़कर कृषि के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और आज लखपति दीदी के रूप में आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ रही हैं।
अनिमा तिग्गा सुधा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बिहान योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों और आजीविका के अवसरों की जानकारी मिली। इससे पहले वे मुख्य रूप से घर पर रहती थीं और उन्हें आर्थिक गतिविधियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने कृषि कार्य को आय का माध्यम बनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण लिया और सामान्य टमाटर की खेती शुरू की। पहली बार टमाटर की खेती से उन्हें करीब 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। इससे उनका उत्साह बढ़ा और उन्होंने दोबारा टमाटर की खेती की। हालांकि दूसरी बार सामान्य टमाटर की खेती में लगभग आधे पौधे खराब हो गए, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा और अपेक्षित आय नहीं हो सकी।
इस अनुभव के बाद अनिमा ने खेती में नई तकनीक अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने ग्राफ्टेड टमाटर के पौधों का उपयोग शुरू किया। ग्राफ्टेड पौधों के उपयोग से उनकी खेती में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने बताया कि ग्राफ्टेड पौधे लगाने के बाद पौधे स्वस्थ रहे और एक भी पौधा खराब नहीं हुआ। इससे उत्पादन बेहतर हुआ और उनकी आमदनी में भी वृद्धि हुई।
अनिमा तिग्गा ने बताया कि ग्राफ्टेड टमाटर की खेती से उन्हें एक सीजन में करीब 3.5 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हुई। पहले वे कम मात्रा में लगभग 2 हजार ग्राफ्टेड पौधे मंगाती थीं, लेकिन खेती में अच्छे परिणाम मिलने के बाद अब वे लगभग 3,500 ग्राफ्टेड पौधे मंगाकर हर वर्ष टमाटर की खेती करती हैं। इससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 3.5 से 4 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है।
उन्होंने कहा कि कृषि कार्य और बिहान समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में काफी बदलाव आया है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज वे स्वयं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
अनिमा तिग्गा ने बताया कि उनके परिवार में पति और दो बच्चे हैं। उनके पति भी कृषि कार्य में सहयोग करते हैं। परिवार के सामूहिक प्रयास से कृषि कार्य का विस्तार हुआ है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि कृषि को व्यवस्थित तरीके से करने और नई तकनीकों को अपनाने से ग्रामीण महिलाएं भी अच्छी आमदनी अर्जित कर सकती हैं।
अनिमा ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
लखपति दीदी बनने के अपने सफर को साझा करते हुए अनिमा तिग्गा ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बिहान जैसी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया जा रहा है। समूह के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने और अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाएं आत्मनिर्भर बनने और अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
अनिमा तिग्गा ने क्षेत्र की अन्य महिलाओं से भी कृषि कार्य एवं आजीविका गतिविधियों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं, कृषि में नई तकनीकों को अपनाएं और अपनी आय बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनें।
ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ाव, बिहान की गतिविधियों और आधुनिक कृषि तकनीकों के समन्वय से आर्थिक सशक्तिकरण के नए रास्ते खुल रहे हैं। आज अनिमा तिग्गा न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता और मेहनत की प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।








