Ro no D15139/23

बैंक सखी बालेश्वरी गांव-गांव में पहुंचा रहीं हैं बैंकिंग सुविधाएं

अब तक लगभग 11 करोड़ रुपए का कर चुकी हैं ट्रांजेक्शन
आर्थिक सशक्तिकरण के साथ मिली अलग पहचान, लोगों की मदद कर मिलती है खुशी-बालेश्वरी

अम्बिकापुर । विकासखण्ड लखनपुर के ग्राम पंचायत लोसंगी की रहने वाली बालेश्वरी यादव बैंक सखी के रूप में कार्य कर रहीं हैं। उनके द्वारा पांच पंचायतों लोसंगी, लोसगा, रेमहला, लब्जी, कटिन्दा में लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाई जा रहीं हैं, ग्रामीण उन्हें “बैंक वाली दीदी“ कहते हैं। क्योंकि बैकिंग सम्बन्धी जिन कार्यों के लिए लोगों को पहले बैंक तक जाना पड़ता था, वो काम अब उनके गांव में ही हो जाते हैं। बैंक वाली दीदी गांव में आती हैं और लोगों के बैंकिंग लेन-देन के कार्य करके जाती हैं। बालेश्वरी यादव बताती हैं कि वे वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, नरेगा मजदूरी भुगतान, स्व सहायता समूह की राशि का लेनदेन सहित अन्य बैंकिंग कार्य कर रहीं हैं। विगत पांच वर्षों में उन्होंने लगभग 11 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का लेनदेन किया है। बालेश्वरी बताती हैं कि वे अपने पुत्र के साथ लोसंगी में रहती हैं। इससे पहले उनकी आय का जरिया मेहनत मजदूरी था, मजदूरी से प्राप्त पैसों से ही गुजर-बसर करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जब गांव में स्वसहायता समूह का गठन हुआ, तो मुझे भी उसमें सदस्य बनने की इच्छा हुई और मुझे रानी लक्ष्मी बाई स्व सहायता समूह का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद मैंने ग्राम संगठन एवं क्लस्टर संगठन में भी अध्यक्ष के रूप में काम किया। इसके बाद सक्रिय महिला एवं आरवीके बुक कीपर का काम करने का भी मौका मिला। इसके बाद मुझे एनआरएलएम के द्वारा बैंक सखी के बारे में बताया गया, इस कार्य के लिए मुझे काफी उत्सुकता हुई। हमें आरसेटी के द्वारा बैंक सखी का प्रशिक्षण दिया गया। वर्ष 2021 से मैंने बैंक सखी का काम करना शुरू किया, उन्होंने कहा कि इस कार्य से मुझे प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपए तक कमीशन मिल जाता है। बैंक सखी के कार्य से आर्थिक सशक्तिकरण के साथ मुझे समाज में अलग पहचान मिली है, वहीं लोगों की मदद करके बहुत खुशी मिलती है। लोगों को जब जरूरत होती है, तो वे स्वयं मुझे बुलाते हैं। वहीं बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंदों के घर पर भी मैं बैंकिंग सेवा प्रदान करती हूं। उन्होंने बताया कि कियोस्क के माध्यम से अब तक लगभग 513 ग्रामीणों के जनधन खाते खोले हैं। वहीं बीमा योजनाओं से भी हितग्राहियों को जोड़ा है, जिसमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना 713, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना 556, अटल पेंशन योजना 600 हुए हैं।

  • Related Posts

    अंगदान से मानवता को नई दिशा: प्रोजेक्ट दधीचि से जुड़कर पशु चिकित्सक बने प्रेरणा स्रोत

      मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की पहल, कलेक्टर ने अंगदान संकल्प लेने वाले कर्मचारी को किया सम्मानित रायपुर, 03 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिला…

    Read more

    समय-सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश: अविवादित बटवारे में न हो देरी, ई-ऑफिस एवं ई अटेंडेंस सुनिश्चित करें

      रायपुर, 03 मार्च 2026 । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज समय-सीमा की बैठक में राजस्व एवं विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि अविवादित…

    Read more

    NATIONAL

    हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

    हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला

    इजरायली अटैक में ईरान का मुगल काल से संबंधित पैलेस भी क्षतिग्रस्त, भारत से लूटा माल रखा गया था

    इजरायली अटैक में ईरान का मुगल काल से संबंधित पैलेस भी क्षतिग्रस्त, भारत से लूटा माल रखा गया था

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर सरकार चुप्प क्यों?

    सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर सरकार चुप्प क्यों?

    सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी

    सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी