
धमतरी, 29 जुलाई 2026/ किसानों के हितों की सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निगरानी और निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़ द्वारा मेसर्स पान सीड्स प्रा. लि. के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी को जारी राज्य स्तरीय बीज विक्रय अनुज्ञा (लाइसेंस) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा 4 जुलाई 2026 को ग्राम बंजारी, विकासखंड कुरूद, जिला धमतरी स्थित कंपनी के परिसर का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान बीज प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण एवं विक्रय से संबंधित गतिविधियों की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण दल को परिसर के गोदाम एवं कोल्ड स्टोरेज में धान की ऐसी किस्मों के बीज बड़ी मात्रा में भंडारित मिले, जो कंपनी को संचालनालय कृषि द्वारा जारी बीज विक्रय अनुज्ञा में शामिल नहीं थे। इसके अलावा कुछ ऐसी किस्मों के पैकेजिंग सामग्री भी भंडारित पाई गई, जिनके लिए कंपनी के पास वैध अनुज्ञा उपलब्ध नहीं थी। जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों एवं इन्वॉइस के परीक्षण में यह भी पाया गया कि कंपनी द्वारा कई ऐसी धान किस्मों का विक्रय किया गया, जो लाइसेंस में शामिल नहीं थीं।
निरीक्षण के बाद बीज निरीक्षक द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए संबंधित बीज स्कंध एवं पैकेजिंग सामग्री के विक्रय, वितरण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया था। साथ ही आवश्यक दस्तावेज एवं अभिलेख जांच हेतु जब्त किए गए थे। कंपनी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवाद एवं उपलब्ध अभिलेखों के विस्तृत परीक्षण के बाद संचालनालय कृषि ने पाया कि कंपनी ने बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन किया है।
संचालनालय कृषि ने अपने आदेश में कहा है कि बीजों के भंडारण, पैकेजिंग एवं विक्रय के लिए आवश्यक अनुज्ञा प्राप्त करने की अनिवार्यता की जानकारी होने के बावजूद कंपनी द्वारा नियमों के विपरीत कार्य किया गया। किसानों के हितों और बीज गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 के खंड 15 (ब) के तहत कंपनी का बीज विक्रय अनुज्ञा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के लिए ऐसी निगरानी और नियामकीय कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।







