
नई दिल्ली । दिल्ली के चर्चित बीएमडब्ल्यू कांड में पुलिस ने आरोपी महिला ड्राइवर गगनप्रीत मक्कड़ (38) को गिरफ्तार कर लिया है. इस भीषण हादसे में वित्त मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी संदीप कौर गंभीर रूप से घायल हैं. जांच में सामने आया है कि टक्कर के बाद कुछ समय तक नवजोत जीवित थे.
पीड़िता संदीप कौर (52) ने पुलिस को दिए अपने बयान में सनसनीखेज खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि हादसे के तुरंत बाद उन्होंने बार-बार गुहार लगाई कि उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया जाए. लेकिन आरोपी ने नवजोत और उनकी पत्नी को अपनी वैन में डालकर घटनास्थल से करीब 19 किलोमीटर दूर ले जाकर एक अस्पताल में भर्ती कराया.
पुलिस ने इस बयान को एफआईआर में दर्ज कर लिया है. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना), 125बी (दूसरों के जीवन को खतरे में डालने वाले कृत्य), 105 (हत्या के बराबर न होने वाली गैर इरादतन हत्या) और 238 (अपराध के साक्ष्य को गायब करना, या अपराधी को बचाने के लिए गलत जानकारी देना) के तहत गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है.
हरि नगर के रहने वाले नवजोत सिंह की मौत रविवार दोपहर दिल्ली छावनी मेट्रो स्टेशन के पास रिंग रोड पर हुई थी. उस समय वे अपनी पत्नी के साथ बंगला साहिब गुरुद्वारे के दर्शन करके बाइक से अपने घर लौट रहे थे. इस हादसे में पीड़िता दंपति के साथ बीएमडब्ल्यू कार को चला रही आरोपी महिला और उसका पति भी घायल हुए थे.
आरोपी महिला को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया. अपने बयान में संदीप कौर ने कहा, “मैं लगातार उनसे विनती कर रही थी कि हमें नजदीकी अस्पताल ले जाएं. मेरे पति बेहोश थे और उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत थी. लेकिन मेरी गुहार को अनसुना कर वह महिला हमें जीटीबी नगर के एक छोटे अस्पताल तक ले गई. उसने अपना नाम गगनप्रीत कौर बताया था.”
इस घटनाक्रम को बताते हुए संदीप कौर ने आगे बताया, “जब हम दिल्ली छावनी मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार से आ रही नीली बीएमडब्ल्यू कार ने हमारे पीछे से टक्कर मार दी. मेरे पति बाइक से सड़क पर जा गिरे. उनके सिर, मुंह और पैरों में गंभीर चोटें आईं, कई जगह फ्रैक्चर हो गए. कुछ देर बाद मैं भी होश खो बैठी.”







