
जिले में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों पर अपनाई जा रही पारदर्शी, सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते किसानों को धान विक्रय करने में सहूलियत मिल रही है। टोकन प्रणाली, समयबद्ध खरीदी और उचित मूल्य भुगतान से किसानों में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत फतेहपुर के कृषक अमीर हमजा ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने धान उपार्जन केन्द्र सुखरी से 80 क्विंटल धान विक्रय हेतु पहला टोकन कटवाया, जिसमें उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई। टोकन प्रक्रिया बेहद सरल और सुगम रही। उन्होंने बताया कि उनके पास कुल 124 क्विंटल धान का रकबा है और शेष धान का विक्रय करना बाकी है। हमजा ने कहा कि धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलने से किसानों को बड़ा लाभ हो रहा है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने थ्रेसर मशीन खरीदी है, जिससे वे स्वयं का धान तो मिसाई कर ही रहे हैं, साथ ही थ्रेसर मशीन को किराये पर देकर अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित कर रहे हैं।
किसान श्री अमीर हमजा ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं और बेहतर खरीदी व्यवस्था के कारण किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे कृषि कार्यों में आधुनिक साधनों का उपयोग कर पा रहे हैं। उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि जिले के सभी धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। टोकन व्यवस्था, व्यवस्थित उठाव, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर भुगतान से धान विक्रय करने वाले किसानों को बड़ी सुविधा मिल रही है। इससे न केवल किसानों का समय बच रहा है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और परेशानी-मुक्त माहौल में अपनी उपज बेचने का अवसर भी मिल रहा है।







