
रायपुर, 21 जून 2026 (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने रेरा पंजीकृत आवासीय परियोजना हर्षित नियोज सिटी, ग्राम अमलेश्वर, जिला दुर्ग से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रकरण में आदेश पारित करते हुए हर्षित नियोज सिटी रेसिडेन्शियल को-ऑपरेटिव सोसायटी मर्यादित को बड़ी राहत प्रदान की है।
यह मामला सोसायटी द्वारा परियोजना के प्रमोटर सिंघनिया बिल्डॉन प्रा.लि. एवं मेसर्स हर्षित सिंघानिया बिल्डॉन के विरुद्ध दायर शिकायत से संबंधित था। शिकायत में परियोजना के रखरखाव, विभिन्न सुविधाओं के संचालन, सिंकिंग फंड की राशि तथा साझा क्षेत्रों (कॉमन एरिया) के हस्तांतरण से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे।
प्रकरण की सुनवाई के उपरांत प्राधिकरण ने प्रमोटर को निर्देशित किया है कि इकाईधारकों से संकलित सिंकिंग फंड की संपूर्ण राशि हर्षित नियोज सिटी रेसिडेन्शियल को-ऑपरेटिव सोसायटी मर्यादित को हस्तांतरित की जाए। यह राशि परियोजना के दीर्घकालिक रखरखाव एवं आवश्यक मरम्मत कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इसके साथ ही CGRERA ने रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 17 के प्रावधानों के अनुरूप परियोजना के साझा क्षेत्रों एवं उनसे संबंधित अधिकारों का विधिवत हस्तांतरण सोसायटी के पक्ष में करने के निर्देश भी दिए हैं। अधिनियम के अनुसार परियोजना पूर्ण होने के पश्चात साझा परिसंपत्तियों का स्वामित्व और नियंत्रण आबंटितियों की सोसायटी अथवा संघ को सौंपना प्रमोटर की वैधानिक जिम्मेदारी है।
प्राधिकरण ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि साझा क्षेत्रों का समयबद्ध हस्तांतरण सुनिश्चित किए जाने से उनके रखरखाव, प्रबंधन एवं उपयोग पर वास्तविक हितधारकों का नियंत्रण स्थापित होगा तथा निवासियों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
यह आदेश रेरा अधिनियम, 2016 के तहत गृह क्रेताओं और उनकी सोसायटियों के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही यह संदेश भी देता है कि प्रमोटरों द्वारा संचित निधियों एवं साझा परिसंपत्तियों का विधिसम्मत और समयबद्ध हस्तांतरण करना अनिवार्य है तथा इसके पालन में लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।









