
धमतरी, 5 जून 2026(IMNB NEWS AGENCY) जिले में कृषि आधुनिकीकरण एवं विकसित धमतरी के निर्माण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को कुरूद विकासखंड के सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (CARD) संस्था द्वारा धान की सीधी कतार बुवाई तकनीक (डीएसआर) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 चयनित गांवों में कस्टम हायरिंग सेंटरों के लिए सीड ड्रिल मशीनों का वितरण किया गया।
कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र चर्रा, कुरूद में आयोजित कार्यक्रम में कन्हारपुरी, मोंगरा, कुर्रा, देवरी, राखी, गातापार, भैसबोड़, कुहकुहा, अटंग और बकली गांव के कृषकों को मशीनें उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर CARD फाउंडेशन एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कृषक कार्यशाला का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किसानों को धान की सीधी कतार बुवाई (डीएसआर) तकनीक के लाभ, सीड ड्रिल मशीन के संचालन, रखरखाव तथा वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि डीएसआर तकनीक अपनाने से बीज, श्रम और पानी की बचत होती है, वहीं फसल की लागत कम होने के साथ उत्पादन एवं लाभ में वृद्धि होती है। यह तकनीक जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देती है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में कई योजनाएं संचालित की जा रही है । इन कृषि यंत्रीकरण और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। कस्टम हायरिंग सेंटरों के माध्यम से छोटे एवं सीमांत किसानों को भी आधुनिक कृषि यंत्रों की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि विकसित धमतरी के निर्माण में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और जिले में नवाचार आधारित खेती को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री मोनेश साहू, कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. ईश्वर सिंह, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा, डॉ. अमीन कुरैशी, डॉ. आर.के. महोबिया, डॉ. पीयूष प्रधान, उप परियोजना संचालक श्री फत्तेलाल पटेल, CARD संस्था से लोकेशन इंचार्ज श्री दिनेश सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर श्री कृष्णेंद्र कुमार, एग्रीकल्चर एक्सपर्ट श्री उदय कुमार, सुश्री नीलम साहू, श्री अंकित कुमार सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर सीड ड्रिल मशीनों को संबंधित गांवों के लिए रवाना किया। यह पहल जिले में कृषि यंत्रीकरण को नई गति देने के साथ किसानों की आर्थिक समृद्धि और विकसित धमतरी के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
//पाराशर//









