Ro no D15139/23

कुपोषण पर बड़ी जीत: मासूम रियांश की जिंदगी में लौटी मुस्कान

*आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य तंत्र और परिवार के समन्वित प्रयासों से मिला नया जीवन*

रायपुर, 30 दिसंबर 2025 (IMNB NEWS AGENCY)
छत्तीसगढ़ में कुपोषण उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और अधिकारियों के सतत निगरानी के चलते कुपोषण से जूझ रहे बच्चों को नया जीवन मिल रहा है। इसका प्रेरक उदाहरण बीजापुर परियोजना के रेड्डी सेक्टर अंतर्गत ग्राम पंचायत पालनार के आंगनबाड़ी केंद्र पालनार स्कूलपारा में देखने को मिला है, जहां गंभीर कुपोषण से पीड़ित मासूम रियांश आज पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य श्रेणी में आ गया है।

आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत बालक रियांश, पिता श्री बाबलू ताती एवं माता श्रीमती नमिला ताती, नियमित वजन एवं स्वास्थ्य जांच के दौरान गंभीर कुपोषण की स्थिति में पाया गया। उस समय बच्चे का वजन मात्र 6 किलो 200 ग्राम और लंबाई 62.1 सेंटीमीटर दर्ज की गई, जो उसकी आयु के अनुसार अत्यंत कम थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे विशेष निगरानी सूची में शामिल कर त्वरित उपचार प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

इस कार्य में परियोजना बीजापुर की टीम, पर्यवेक्षक , आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , सहायिका, ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच का सराहनीय योगदान रहा। बेहतर उपचार एवं पोषण प्रबंधन के लिए रियांश को न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) में भर्ती कराया गया, जहां उसे संतुलित आहार, आवश्यक दवाइयां, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा माता को पोषण संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। एनआरसी से छुट्टी के समय बच्चे का वजन बढ़कर 7 किलो हो गया।

एनआरसी से लौटने के बाद भी आंगनबाड़ी केंद्र द्वारा रियांश की नियमित वजन निगरानी, गर्म पका भोजन, पोषण आहार, स्वास्थ्य परीक्षण एवं परिवार के साथ निरंतर काउंसलिंग की गई। परिवार ने भी जागरूकता और सहयोग का परिचय देते हुए आंगनबाड़ी सेवाओं का नियमित लाभ लिया।
निरंतर देखभाल और सामूहिक प्रयासों का परिणाम यह रहा कि आज रियांश पूरी तरह स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान है। वर्तमान में उसका वजन 10 किलो और लंबाई 81.2 सेंटीमीटर है। उसकी सक्रियता, खिलखिलाहट और स्वस्थ शारीरिक विकास इस बात का प्रमाण है कि वह अब सामान्य श्रेणी में आ चुका है और स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर है।
रियांश की यह सफलता कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि समय पर पहचान, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं, मजबूत आंगनबाड़ी व्यवस्था, पंचायत और परिवार का सहयोग यदि एक साथ जुड़ जाए तो कुपोषण जैसी गंभीर चुनौती पर प्रभावी रूप से विजय प्राप्त की जा सकती है।

  • Related Posts

    उप मुख्यमंत्री ने 5.36 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़क निर्माण का किया भूमिपूजन

    *4.20 किमी की बनेगी पक्की सड़क, गांवों का शहर से संपर्क होगा मजबूत* *छत्तीसगढ़ सरकार गांवों के विकास के लिए कर रही कार्य– उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा* *गन्ना किसानों…

    Read more

    आत्मसमर्पण से पुनर्वास तक-पवन कुमार ने हिंसा का रास्ता छोड़ जीवन की नई शुरुआत की

      विशेष आवास परियोजना से मिला पक्का आशियाना रायपुर, 06 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 हिंसा छोड़ मुख्यधारा से…

    Read more

    NATIONAL

    SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब

    SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब

    होर्मुज नाकेबंदी के बीच अफ्रीकी देश पहुंची इंडियन नेवी वॉरशिप, बंपर नैचुरल गैस का मालिक; दूर कर सकता है भारत का LPG संकट!

    होर्मुज नाकेबंदी के बीच अफ्रीकी देश पहुंची इंडियन नेवी वॉरशिप, बंपर नैचुरल गैस का मालिक; दूर कर सकता है भारत का LPG संकट!

    ईरान ने किया रिजेक्ट, औंधे मुंह गिरा पाकिस्तान का पीस प्लान, मुनीर-शहबाज की चौधराहट फेल; भारी संकट सामने

    ईरान ने किया रिजेक्ट, औंधे मुंह गिरा पाकिस्तान का पीस प्लान, मुनीर-शहबाज की चौधराहट फेल; भारी संकट सामने

    ईरान में गिरा अमेरिकी लड़ाकू विमान, चालक दल का एक सदस्य बचाया गया; युद्ध ने पकड़ी और रफ्तार

    ईरान में गिरा अमेरिकी लड़ाकू विमान, चालक दल का एक सदस्य बचाया गया; युद्ध ने पकड़ी और रफ्तार

    महाराष्ट्र: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

    महाराष्ट्र: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

    मरने के बाद फिर से ज़िंदा होना कितना सुख देगा,क्या ये संभव है,क्या हम भगवान तक पहुंच जाएंगे* वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    मरने के बाद फिर से ज़िंदा होना कितना सुख देगा,क्या ये संभव है,क्या हम भगवान तक पहुंच जाएंगे* वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….