Tuesday, April 16

छ.ग. अनधिकृृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) अधिनियम 2022

बेमेतरा 24 नवम्बर 2022-आवासीय एवं गैर आवासीय अनधिकृत निर्माण के नियमितिकरण हेतु छत्तीसगढ़ राज्य शासन के द्वारा प्रदेश में 14 जुलाई 2022 से छ.ग. अनधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) अधिनियम 2022 एवं नियम 2022 प्रभावशील किया गया है। जिसमें 14 जुलाई 2022 तक अस्तित्व में आये आवासीय एवं गैर आवासीय तथा भूमि उपयोग का परिवर्तन कर किये गये अनधिकृत निर्माण का नियमितिकरण किया जाना है। प्रकरण के निराकरण हेतु जिला नियमितिकरण प्राधिकारी का गठन किया गया है, जिसमें कलेक्टर बेमेतरा को अध्यक्ष एवं सदस्यों में जिला पुलिस अधीक्षक, संबंधित नगर निकाय, जिनके क्षेत्र का प्रकरण होगा या आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी, संबंधित विकास प्राधिकरण, जिनके क्षेत्र का होगा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के प्रभारी अधिकारी को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
इस अधिनियम/नियम के तहत अनधिकृत विकास करने वाले व्यक्तियों से निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ, 14 जुलाई 2023 (01 वर्ष) तक नियमितिकरण हेतु आवेदन पत्र प्राप्त किये जायेंगे, इस अवधि में 30 दिन की वृद्धि करने का अधिकार जिला कलेक्टर को दिये गये हैं। आवेदन पत्र की प्राप्ति हेतु नगर पालिक निगम क्षेत्र में आयुक्त नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्र में मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा निवेश क्षेत्र के भीतर किन्तु स्थानीय निकाय के बाहर संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, दुर्ग अधिकृत किये गये हैं।
नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय निकाय के द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों को निर्धारित आवक पंजी में दर्ज कर, स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन, शास्ति की गणना, कर्मकार शुल्क की गणना की जाकर संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश दुर्ग के माध्यम से नियमितिकरण प्राधिकारियों की गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाकर निराकरण किये जायेंगे।
प्रकरणों के निराकरण हेतु मापदण्ड निर्धारित है इनमें आवासीय प्रयोजन हेतु अनधिकृत निर्माण में 120 व.मी. क्षेत्रफल के भूखण्ड पर निर्मित भवनों पर कोई शास्ति (शमन शुल्क) नहीं लिया जायेगा किन्तु 120 व.मी. से 240 व.मी. क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 125/- रू. प्रति व.मी. 240 व.मी. से 360 व.मी. तक क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 200/- रू. प्रति व.मी. तथा 360 व.मी. से अधिक क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 300/- रू. प्रति  व.मी. की दर से शास्ति की गणना की जायेगी। व्यवसायिक तथा अन्य गैर आवासीय प्रयोजनों हेतु निर्मित अनधिकृत निर्माण के लिये मापदण्ड है 100.00 व.मी. तक के भूखण्ड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 16 गुणा शास्ति देय होगी। 100.00 व.मी. से अधिक किन्तु 200.00 व.मी. तक के भूखण्ड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 21 गुणा शास्ति देय होगी। 200.00 व.मी. से अधिक किन्तु 300.00 व.मी. तक के भूखण्ड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 26 गुणा शास्ति देय होगी। 300.00 व.मी. से अधिक किन्तु 400.00 व.मी. तक के भूखण्ड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 31 गुणा शास्ति देय होगी। 400.00 व.मी. से अधिक किन्तु 500.00 व.मी. तक के भूखण्ड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 36 गुणा शास्ति देय होगी। 500.00 व.मी. से अधिक किन्तु 600.00 व.मी. तक के भूखण्ड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 41 गुणा शास्ति देय होगी। 600.00 व.मी. से अधिक किन्तु 700.00 व.मी. तक के भूखण्ड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 46 गुणा शास्ति देय होगी। 700.00 व.मी. से अधिक के भूखण्ड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 51 गुणा शास्ति देय होगी। भवन अनुज्ञा शुल्क से तात्पर्य भूमि विकास नियम 1984 के नियम 21(3)(ख) में निर्धारित शुल्क से है।
निर्धारित प्रयोजन से भिन्न भूमि उपयोग परिवर्तन करने पर उस क्षेत्र की भूमि के लिए वर्तमान में प्रचलित कलेक्टर गाईड लाईन दर का 5 प्रतिशत अतिरिक्त शास्ति देय होगी। यदि अनधिकृत विकास, पार्किंग हेतु निर्धारित आरक्षित भूखण्ड/स्थल पर किया गया हो तो नियमितीकरण की अनुमति तभी दी जाएगी जब आवेदक द्वारा पार्किंग की कमी हेतु निर्धारित अतिरिक्त शास्ति राशि का भुगतान निम्नानुसार किया गया हो:- 01 जनवरी 2011 के पूर्व अस्तित्व में आए अनधिकृत विकास/निर्माण जिनकी भवन अनुज्ञा स्वीकृत हो अथवा जिसके लिए संबंधित स्थानीय निकाय में शासन द्वारा निर्धारित दर से संपत्ति कर का भुगतान किया जा रहा हो, ऐसे भवनों में यदि छ.ग. भूमि विकास नियम 1984 अथवा संबंधित विकास योजना के अनुरूप पार्किंग उपलब्ध नहीं हैं तो  25 प्रतिशत तक पार्किंग हेतु देय शास्ति प्रत्येक कार स्थान हेतु पचास हजार रुपये, 25 से 50 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु एक लाख रुपये, 50 से 100 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 2 लाख रुपये शास्ति देय होगा। 01 जनवरी 2011 के पश्चात् अस्तित्व में आए अनधिकृत विकास निर्माण जिनकी भवन अनुज्ञा स्वीकृत हो अथवा जिसके लिए संबंधित स्थानीय निकाय में शासन द्वारा निर्धारित दर से संपत्ति कर का भुगतान किया जा रहा हो, ऐसे भवनों में यदि छ.ग. भूमि विकास नियम 1984 अथवा संबंधित विकास योजना के अनुरूप पार्किंग उपलब्ध नहीं है तो 25 प्रतिशत तक पार्किंग हेतु देय शास्ति प्रत्येक कार स्थान हेतु पचास हजार रुपये, 25 से 50 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु एक लाख रुपये शास्ति देय होगा।
शमन योग्य पार्किंग आवासीय में 500 वर्गमीटर तक पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यून. क्षेत्रफल निरंक, 500 से अधिक वर्गमीटर के लिए पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यून. क्षेत्रफल 50 प्रतिशत तथा गैर आवासीय में 500 वर्गमीटर तक पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यून. 500 क्षेत्रफल तक निरंक, 500 से अधिक वर्गमीटर के लिए पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यून. क्षेत्रफल 50 प्रतिशत होगा। गैर लाभ अर्जन करने वाली समाजिक संस्थाएं जो लाभ अर्जन के उद्देश्य से स्थापित न की गई हो के अनधिकृत विकास के प्रत्येक प्रकरण में शास्ति, प्राक्कलित राशि के पचास प्रतिशत के दर से देय होगी। छ.ग. भूमि विकास नियम 1984 के नियम 39 मे निर्धारित प्रावधान के अनुसार मार्ग की चौड़ाई .उपलब्ध न होने के कारण स्थल पर विद्यमान गतिविधियों में किसी प्रकार का लोक हित प्रभावित न होने की स्थिति में, नियमितिकरण किया जा सकेगा। आवेदन पत्र का प्रारूप, संलग्न दस्तावेज इत्यादि की जानकारी स्थानीय निकाय एवं कार्यालय संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग से प्राप्त की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *