
नई दिल्ली । नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर 2025 से देश में नए GST सुधार लागू हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में तैयार किया गया यह बदलाव भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। अब तक के चार टैक्स स्लैब की जगह सिर्फ दो मुख्य दरें होंगी- 5% और 18%, जबकि शराब, तंबाकू, सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग जैसे सिन गुड्स पर 40% का स्पेशल टैक्स स्लैब लागू किया गया है।
इस सुधार से मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। एफएमसीजी, ऑटो और कई अन्य सेक्टर्स ने संकेत दिए हैं कि कम टैक्स का फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे खपत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को 2 लाख करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त फायदा होगा। इस लाइव ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि क्या-क्या हुआ सस्ता, किन चीजों पर अभी भी ज्यादा टैक्स देना होगा और इसका आपके रोजमर्रा के खर्चों पर क्या असर पड़ेगा।
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार मध्यम वर्ग के लिए ढेरों अवसर खोलकर उनकी आय बढ़ा रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के ज़रिए उनकी बचत लगातार बढ़ती रहे। उन्होंने कहा कि दैनिक जरूरत की वस्तुओं, स्वास्थ्य सेवा उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और शैक्षिक वस्तुओं पर जीएसटी दरों में भारी कमी से उनकी खर्च करने योग्य आय बढ़ेगी और वे और भी ज़्यादा बचत करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
उन्होंने कहा, “जीएसटी सुधार को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का देशवासियों से किया गया वादा आज से पूरे देश में लागू हो गया है। इस जीएसटी में 390 से ज़्यादा वस्तुओं पर करों में ऐतिहासिक कटौती की गई है।” शाह ने कहा कि खाद्य एवं घरेलू सामान, गृह निर्माण एवं सामग्री, ऑटोमोबाइल, कृषि, सेवाएं, खिलौने, खेल एवं हस्तशिल्प, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, बीमा आदि क्षेत्रों में जीएसटी में अभूतपूर्व राहत से नागरिकों के जीवन में खुशहाली आएगी और उनकी बचत भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अनेक डेयरी उत्पादों पर जीएसटी शून्य करना हो या साबुन, टूथब्रश, टूथपेस्ट, तेल, शैम्पू जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं पर अभूतपूर्व कटौती करना हो, अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार हर घर में खुशियों का उपहार लाए हैं।







