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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव-राष्ट्रीय पोषण माह 2025 पूरे जिले में जन-जागरूकता अभियान शुरू

जगदलपुर, 25 सितम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सितंबर 2025 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पोषण माह के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना जारी की है। इस महीने भर चलने वाले अभियान का उद्देश्य पूरे जिले में कुपोषण को खत्म करना और लोगों को सही पोषण के महत्व के बारे में जागरूक करना है।

इस वर्ष का पोषण माह कई प्रमुख गतिविधियों पर केंद्रित है, जिनमें से एक ’’पोषण भी, पढ़ाई भी’’ है। इसके तहत, आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के बीच स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसके साथ ही, बच्चों को पोषण के महत्व के बारे में सिखाने के लिए कविता, कहानी और खेल जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं। मास स्ट्रीमिंग के माध्यम से बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता फैलाने के लिए पोषण से संबंधित छोटे वीडियो और संदेशों को सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पोषण का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
इसके अलावा, अभियान में कन्वर्जेंट एक्शन एंड डिजिटाइजेशन पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत, आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर ऐप के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों का सही डेटा एकत्रित किया जा सके। इस डेटा का उपयोग पोषण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा। ग्राम स्वास्थ्य और स्वच्छता समिति  की मासिक बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा। इन बैठकों में पोषण के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और ग्राम स्तर पर पोषण के लिए जागरूकता फैलाई जाएगी। इन बैठकों में पोषण के अलावा, साफ-सफाई और स्वच्छता पर भी जोर दिया जाएगा।
यह अभियान विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से चलाया जा रहा है, जिसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जल शक्ति, ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग शामिल हैं। इन विभागों का सहयोग पोषण माह को सफल बनाने और देश में कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए महत्वपूर्ण है। पोषण माह के दौरान, ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जानकारी देने के लिए ग्राम सभाओं का भी आयोजन किया जा रहा है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष पोषण संबंधी कार्यशालाएं और सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पोषण के प्रति जागरूकता के लिए स्थानीय स्तर पर रैलियां और प्रभात फेरी भी निकाली जा रही हैं। यह अभियान सरकार की कुपोषण को खत्म करने और स्वस्थ, मजबूत भारत का निर्माण करने के लिए निरंतर प्रयास संबंधी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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