
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले में समृद्धि दृ कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एमकैड) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने बगिया क्लस्टर में प्रस्तावित प्रेशराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क निर्माण से पूर्व जिले के चयनित किसानों को 16 से 20 जनवरी 2026 तक मध्यप्रदेश की मोहनपुरा एवं कुंडलिया वृहद सिंचाई परियोजनाओं के अध्ययन भ्रमण के लिए विगत दिवस बगिया से रवाना किए। कलेक्टर के नेतृत्व में 13 गांव के 26 किसान एवं अधिकारी कर्मचारियों सहित कुल 49 सदस्य बस से बिलासपुर के लिए रवाना हुए। सभी सदस्य आज 11 बजे बिलासपुर से ट्रेन के माध्यम से मध्यप्रदेश के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निज निवास बगिया से स्वयं किसानों को शुभकामनाएं देते हुए इस अध्ययन दल के बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि वे वहां की आधुनिक सिंचाई प्रणालियों, जल प्रबंधन तकनीकों, फसल पैटर्न और जल उपभोक्ता समितियों के कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन करें ताकि बगिया समृद्धि परियोजना को जिले का आदर्श मॉडल बनाया जा सके।
उन्होंने कहा की बगिया क्लस्टर अंतर्गत प्रदेश की पहली अंडरग्राउंड पाइप सिस्टम से खेतों में सिंचाई प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके तहत भौतिक रूप से नहर बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही पाइप के माध्यम से सिंचाई होने से जल के दुरुपयोग एवं बर्बादी को भी रोका जा सकेगा। अध्ययन भ्रमण के दौरान किसान मोहनपुरा एवं कुंडलिया परियोजनाओं में स्थापित जल प्रबंधन संरचनाओं, पाइप नेटवर्क संचालन, खेत-स्तरीय वितरण प्रणाली, सौर ऊर्जा आधारित पम्पिंग, जल मापन व्यवस्था, आधुनिक एवं इंटरनेट ऑन थिंग्स आधारित निगरानी प्रणाली तथा जल उपभोक्ता समितियों की भूमिका को प्रत्यक्ष रूप से समझेंगे। इससे किसानों को यह सीख मिलेगी कि कैसे वैज्ञानिक ढंग से सिंचाई कर फसल उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है और जल अपव्यय को रोका जा सकता है। इस दौरान जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसपी श्री शशिमोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं आमजन मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास और जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण हेतु भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग विंग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य से जशपुर जिले के अंतर्गत बगिया क्लस्टर में मैनी नदी से दाबयुक्त पाईपलाईन सिचाई प्रणाली के माध्यम से 4 हजार 831 हेक्टेयर क्षेत्र में सिचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसी तारतम्य में यह भ्रमण बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत प्रस्तावित प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आयोजित किया गया है। समृद्धि-एमकैड योजना के तहत बगिया क्लस्टर के 13 ग्रामों में आधुनिक सिंचाई सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को खरीफ और रबी दोनों मौसमों में सुनिश्चित सिंचाई उपलब्ध होगी। इस परियोजना में परंपरागत नहर प्रणाली के स्थान पर पाइप आधारित सिंचाई नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे पानी की हर बूंद का अधिकतम उपयोग संभव होगा। इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से किसान केवल लाभार्थी ही नहीं, बल्कि परियोजना के सक्रिय सहभागी बनेंगे। लौटने के बाद यही किसान अन्य कृषकों को भी तकनीकी जानकारियां साझा करेंगे, जिससे बगिया समृद्धि एम कैड योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी तथा टिकाऊ बन सकेगा।








