
नई दिल्ली । चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसे पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस बात का विश्वास दिलाया है कि अमेरिका के साथ उसके कारोबारी मामलों से चीनी हितों को नुक़सान नहीं पहुंचेगा. इसके अलावा चीन ने पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच सीमा पर हुई हिंसक झड़पों के बाद दोनों देशों को संयम बरतने को कहा है.
ग़ौरतलब है कि शनिवार की रात पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर हिंसक झड़प हुई थी जिनमें पाकिस्तानी सेना के अनुसार उसके सुरक्षा अधिकारियों समेत 23 पाकिस्तानी मारे गए थे. पाकिस्तानी सेना की ‘आईएसपीआर’ की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि पुख़्ता इंटेलिजेंस और नुक़सान के अंदाज़ों के मुताबिक़ तालिबान और उससे जुड़े 200 से अधिक चरमपंथियों को मारा गया है जबकि घायलों की संख्या उससे कहीं अधिक है.
वहीं अफ़ग़ान तालिबान के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने दावा किया था कि इन कार्रवाइयों के दौरान 58 पाकिस्तानी अधिकारी और तालिबान के नौ अधिकारी मारे गए थे. पिछले महीने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की थी. उस दौरान पाकिस्तान की तरफ़ से अमेरिकी राष्ट्रपति को बहुमूल्य खनिज पेश किए गए थे.
सितंबर में पाकिस्तान और अमेरिका की दो बड़ी कंपनियों के बीच खनिज और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में सहयोग के समझौते पर दस्तख़त हुए थे. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के कार्यालय से जारी बयान के अनुसार यह कंपनियां शुरुआती तौर पर पाकिस्तान में खनिज के क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ डॉलर का पूंजी निवेश करेंगी.







