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केरल में CM की रेस सड़क से सोशल मीडिया तक गरमाई, वेणुगोपाल के बैनर पर डाला गया ग्रीस ऑयल

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में शामिल होने के लिए केरल पहुंचे थे. पार्टी के 63 विधायकों से अलग-अलग चर्चा उन्होंने की. इस दौरान सांसद के सी वेणुगोपाल के समर्थन में इंदिरा भवन के पास छह बैनर लगाए गए. वेणुगोपाल ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था जिसके बाद भी वे सीएम पद की रेस में हैं.

राजधानी तिरुवनंतपुरम में लगाए गए वेणुगोपाल के एक बैनर पर किसी ने कथित तौर पर ‘ग्रीस ऑयल’ डाल दिया. दूसरी ओर, राज्य के विभिन्न हिस्सों में वी डी सतीशन के समर्थन में प्रदर्शन हुए. इसके अलावा, कन्नूर जिले के इर्रिकुर और अलाप्पुझा में वेणुगोपाल के खिलाफ और सतीशन के समर्थन में पोस्टर लगाए गए. हालांकि रमेश चेन्निथला बैनर की इस होड़ में काफी पीछे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री पद पर आसीन किए जाने की जोरदार मांग कर रहे हैं.

वेणुगोपाल को अधिकतर विधायकों का समर्थन हासिल

ऐसी खबरें हैं कि वेणुगोपाल को अधिकतर विधायकों का समर्थन हासिल है लेकिन पार्टी नेताओं ने इस संबंध में कोई सीधा बयान नहीं दिया है. इसके बजाय सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया को दी गई प्रतिक्रियाओं के जरिए इनडायरेक्ट मैसेज दिए जा रहे हैं. कांग्रेस विधायक दल द्वारा एआईसीसी अध्यक्ष को विधायक दल का नेता चुनने के लिए अधिकृत करने के बाद यह त्रिकोणीय मुकाबला नयी दिल्ली और पार्टी मुख्यालय तक पहुंचने की संभावना है. विधायक दल का नेता ही मुख्यमंत्री बनेगा.

सहयोगी दलों की पसंद कौन?

पर्यवेक्षकों के शुक्रवार (8 मई) को एआईसीसी को अपनी रिपोर्ट सौंपने की संभावना है और मुख्यमंत्री की घोषणा से पहले अंतिम चर्चा के लिए केरल के नेताओं को पार्टी मुख्यालय बुलाया जा सकता है. संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के अधिकतर सहयोगी दलों की पसंद वी डी सतीशन हैं, लेकिन उन्होंने भी इस संबंध में कोई सार्वजनिक बयान देने से परहेज किया है.

के. मुरलीधरन ने क्या कहा

वट्टियूरकावु निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करने वाले के. मुरलीधरन ने कहा कि कांग्रेस जैसी लोकतांत्रिक पार्टी में ऐसी घटनाएं सामान्य हैं. उन्होंने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को लेकर फैसला हो जाने के बाद पार्टी उस निर्णय के साथ एकजुट हो जाएगी. ‘फैसला दो दिन में आ जाएगा. फैसला संभवत: रविवार तक आ जाएगा. मुरलीधरन ने कहा कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के चयन पर अपनी राय एआईसीसी पर्यवेक्षकों को बता दी है.

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