
कलेक्टर संबित मिश्रा ने बुधवार को बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी योजनाओं, संस्थानों तथा निर्माण कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे भी उनके साथ उपस्थित रहीं। अधिकारियों की टीम ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
पोर्टा केबिन दुगईगुड़ा से शुरू हुआ निरीक्षण- निरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत पोर्टा केबिन दुगईगुड़ा से हुई, जहाँ व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों ने सुधारात्मक सुझाव दिए। इसके पश्चात कलेक्टर दल आवापल्ली महाविद्यालय पहुँचा। यहाँ विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई, उपलब्ध संसाधनों और समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। तर्रेम में बैंक भवन एवं सड़क निर्माण का निरीक्षण, बेली ब्रिज का उद्घाटन- ग्राम तर्रेम में बैंक संचालन हेतु चयनित भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने सुविधाओं की समीक्षा की। साथ ही बीआरओ द्वारा तर्रेम, पामेड़ मार्ग पर निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण कर कार्य प्रगति की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर क्षेत्र में आवाजाही को सुगम बनाने के उद्देश्य से निर्मित बेली ब्रिज का विधिवत उद्घाटन भी किया गया।
गुंडम में आंगनवाड़ी और शाला भवन की समीक्षा- इसके बाद कलेक्टर दल ग्राम गुंडम पहुँचा, जहाँ नव निर्मित आंगनवाड़ी भवन एवं शाला भवन का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुविधाओं और बच्चों के अनुकूल वातावरण का विशेष रूप से आकलन किया।
कोंडापल्ली में निर्माण कार्यों की समीक्षा व विद्यार्थियों से चर्चा- ग्राम कोंडापल्ली में विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने छात्रों से संवाद कर शिक्षा व्यवस्था, संसाधनों एवं शिक्षण गुणवत्ता पर जानकारी ली और शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
पामेड़ स्वास्थ्य केंद्र और पीएमजीएसवाई सड़कों का निरीक्षण- ग्राम पामेड़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते हुए चिकित्सा सेवाओं, स्टाफ उपलब्धता और आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की गई। इसके साथ ही पीएमजीएसवाई अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों, कोंडापल्ली से भट्टीगुड़ा, कोंडापल्ली से कोमतपल्ली, कावरगट्टा से डारेली का भी निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण और समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए।
लोक निर्माण विभाग के कार्यों का भी निरीक्षण- निरीक्षण के दौरान आवापल्ली, बासागुड़ा मार्ग के पैचवर्क तथा भीमाराम, उसूर सड़क निर्माण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्माण की गुणवत्ता और गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए आवश्यक सुधार करने को कहा।
नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत सघन शिविरों के निर्देश- कलेक्टर ने बताया कि उक्त पूरा क्षेत्र नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आता है, जो छत्तीसगढ़ शासन की एक महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन सुदूर क्षेत्रों में शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने के लिए सघन शिविर आयोजित कर सभी सरकारी योजनाओं का पूर्ण क्रियान्वयन किया जाए, ताकि हर पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुँच सके।
उच्च गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर- अधिकारियों ने कहा कि सभी विकास एवं निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए ताकि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर हो सके। निरीक्षण के दौरान एसडीएम उसूर श्री भूपेन्द्र गावरे तथा सीईओ जनपद पंचायत श्री चंद्राकर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








