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लोक शिकायत निवारण अधिनियम के जरिए लोक शिकायतों के निवारण का अध्ययन करने के लिए डीएआरपीजी प्रतिनिधिमंडल ने बिहार का दौरा किया

बिहार के लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 में लोक शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए शिकायत निवारण अधिकारियों को अर्ध-न्यायिक शक्तियां मिली हैं
डीएआरपीजी प्रतिनिधिमंडल ने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 के माध्यम से किए गए लोक शिकायतों के निवारण की सराहना की
नई दिल्ली। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) और पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में डीएआरपीजी के एक वरिष्ठ स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम (बिहार आरपीजीपी अधिनियम) और बिहार लोक सेवा अधिकार अधिनियम (बिहार आरटीएस अधिनियम) के कार्यान्वयन को समझने के लिए 3.1.2025 को बिहार का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल में श्री पुनीत यादव, अपर सचिव; श्रीमती सरिता चौहान, संयुक्त सचिव; श्री सुवाशीष दास, निदेशक; और श्री हरि किरण भट्ट, उप सचिव शामिल थे।
बिहार के इस अध्ययन दौरे पर गए डीएआरपीजी प्रतिनिधिमंडल ने यात्रा के दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और श्री विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात की। बातचीत में लोक शिकायतों के प्रभावी निवारण, सीपीजीआरएएमएस पोर्टल, स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान और पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण पर चर्चा की गई। लोक शिकायत अधिकार अधिनियम, सेवा अधिकार अधिनियम के तहत बिहार सरकार की सर्वोत्तम प्रथाओं पर भी चर्चा की गई।
लोक शिकायत अधिकार अधिनियम, सेवा अधिकार अधिनियम, शिकायत अपीलीय अधिकारी प्रक्रिया और बेहतर अभिलेख प्रबंधन प्रथाओं के कार्यान्वयन पर बिहार के मुख्य सचिव श्री अमृत लाल मीना, बिहार के अपर मुख्य सचिव श्री बी. राजेंद्र और बिहार सरकार की सचिव एवं बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन की अपर मिशन निदेशक डॉ. प्रतिमा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की आधिकारिक बैठकें हुईं। डीएआरपीजी प्रतिनिधिमंडल ने समाधान और जिज्ञासा कॉल सेंटरों का दौरा किया। टीम के समक्ष बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम और बिहार लोक सेवा अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन एवं प्रभाव पर केंद्रित एक प्रस्तुति दी गई। इस प्रतिनिधिमंडल ने राज्य लोक शिकायत प्राप्ति केंद्र का दौरा किया और बाद में जिला शिकायत निवारण अधिकारी, पटना के कार्यालय का दौरा किया, जहां उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सुनवाई प्रक्रिया और शिकायतों के निवारण का अवलोकन किया।
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 में लोक शिकायतों के प्रभावी निवारण में शिकायत निवारण अधिकारियों (जीआरओ) को अर्ध-न्यायिक शक्तियां प्रदान की गई है। जीआरओ को परियोजना कार्यान्वयन प्राधिकरणों/एजेंसियों को बुलाने और उचित सुनवाई के बाद तर्कसंगत आदेश जारी करने का अधिकार है। लोक शिकायत निवारण का यह व्यवस्थित कार्यान्वयन एक अभिनव राष्ट्रीय सर्वोत्तम अभ्यास है।

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