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असम के माननीय राज्यपाल, असम के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से आज गुवाहाटी में

एनआईईएलआईटी डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया
एनआईईएलआईटी और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए
नई दिल्ली । असम के माननीय राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने आज संयुक्त रूप से राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी)डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का,उत्तर पूर्वी राज्यों में 5 स्थानों सहित 12 स्थानों पर उद्घाटन किया।एनआईईएलआईटीडीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत इस एकमात्र विश्वविद्यालयको गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र को समर्पित किया गया।
भारत में सेमीकंडक्टर कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को सहयोगात्मक रूप से बढ़ाने के लिए एनआईईएलआईटी और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापन पर एनआईईएलआईटी के महानिदेशक डॉ. एम. एम. त्रिपाठी और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) के सीईओ और एमडी डॉ. रणधीर ठाकुर ने हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का मकसद कौशल केंद्र स्थापित करना, डिप्लोमा और प्रमाणन कार्यक्रम विकसित करना तथा सेमीकंडक्टर एटीएमपी (असेंबली, परीक्षण, मार्किंग और पैकेजिंग) प्रौद्योगिकियों में कार्यशालाएं आयोजित करना है। टीएसएटी तकनीकी विशेषज्ञता और इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करेगा, जबकि एनआईईएलआईटी शिक्षा, प्रशिक्षण और आउटरीच पर ध्यान केंद्रित करेगा। दोनों संगठन भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अवसर पैदा करने पर विशेष जोर देते हुए संयुक्त रूप से अनुसंधान और वित्त पोषण पहल को भी आगे बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और उद्योग 4.0 के लिए एक अग्रणी केंद्र में बदलने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुसार ही, इस पहल का उद्देश्य एक ऐसा कुशल कार्यबल तैयार करना है, जो उद्योग की बढ़ती मांगों को पूरा कर सके। यह विश्वविद्यालय छात्रों को तेजी से बदलते तकनीकी माहौल में आगे बढ़ने के लिए ज़रुरी कौशल से लैस करने में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अब नॉर्थ ईस्ट का मतलब “न्यू इंजन” है, जो देश के विकास और प्रगति का नेतृत्व करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने एनआईईएलआईटी विश्वविद्यालय के शुभारंभ की घोषणा करते हुए इस बात पर खासा ज़ोर दिया कि यह पहल सेमीकंडक्टर निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उद्योग 4.0 और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में पेशेवरों को तैयार करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित है। श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि एनआईईएलआईटी का नया परिसर गुवाहाटी के पास जगीरोड में विकसित किया जाएगा, जो सेमीकंडक्टर निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर केंद्रित होगा।
असम के माननीय मुख्यमंत्री, डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने माननीय प्रधानमंत्री के भविष्य को लेकर दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे भविष्य की तैयारी कर रहे हैं, जहां पूरी दुनिया “मेड इन इंडिया” और “मेड इन असम” सेमीकंडक्टर चिप्स पर निर्भर होगी। उन्होंने इस बढ़ते क्षेत्र का समर्थन करने के लिए कुशल कार्यबल और प्रशिक्षित जनशक्ति की ज़रुरत पर बल देते हुए, इस क्षेत्र में सेमीकंडक्टर उद्योग के विकसित होने की ज़बरदस्त क्षमताओं पर जोर दिया। इससे स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने और नौकरी के अवसर पैदा करने की प्रतिबद्धता रेखांकित होती हैं, जिससे यह भी सुनिश्चित होता है कि असम वैश्विक प्रौद्योगिकी परिदृश्य में अहम भूमिका निभाए।
डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम सरकार ने केवल एक दिन के रिकॉर्ड समय में जगीरोड में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) विश्वविद्यालय के लिए भूमि आवंटन को तेजी से मंजूरी दी है। यह प्रधानमंत्री और श्री अश्विनी वैष्णव की दूरदर्शिता और नेतृत्व के कारण ही संभव हो पाया।
असम के माननीय राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने कहा कि एनआईईएलआईटीडीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का शुभारंभ एक ऐतिहासिक क्षण है। यह विश्वविद्यालय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, उद्योग 4.0, सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा और फोरेंसिक, बायोइन्फॉरमैटिक्स और कई अन्य डिजिटल प्रौद्योगिकियों में उच्च शिक्षा प्रदान करेगा। बाद में दिन में, केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने विनिर्माण सुविधा की प्रगति की समीक्षा करनेके लिए जगीरोड स्थित टाटा सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा किया।
एनआईईएलआईटी के बारे में
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी), जो एमईआईटीवाई के तहत एक स्वायत्त वैज्ञानिक सोसायटी है, को शिक्षा मंत्रालय द्वारा विशिष्ट श्रेणी के तहत “डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी” का दर्जा दिया गया है। रोपड़ (पंजाब) में अपने मुख्य परिसर और आइजोल, अगरतला, औरंगाबाद, कालीकट, गोरखपुर, इंफाल, ईटानगर, केकरी, कोहिमा, पटना और श्रीनगर में स्थित 11 घटक इकाइयों के साथ, एनआईईएलआईटीडीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का लक्ष्य, डिजिटल प्रौद्योगिकी को लेकरउच्च शिक्षा में क्रांति लाना है।
यह विश्वविद्यालय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, उद्योग 4.0, सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और फोरेंसिक, बायोइन्फॉरमैटिक्स और कई अन्य उन्नत और उभरते क्षेत्रों में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएच.डी. प्रदान करता है। इसके तहत पाठ्यक्रम को उद्योग जगत के अनुभवी लोगों के सहयोग के साथ बेहद बारीकी से डिजाइन किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र बाजार की मांगों के अनुरूप कौशल हासिल करें, जिससे वे पहले दिन से ही नौकरी के लिए तैयार हो सकें।
एनआईईएलआईटी डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप है, जो शिक्षा के क्षेत्र में पहुंच, लचीलेपन और उद्योग की प्रासंगिकता पर जोर देती है। विश्वविद्यालय एक मजबूत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से एक लचीला, छात्र-केंद्रित शिक्षण वातावरण प्रदान करता है। इसमें देश भर के छात्रों की विविध ज़रूरतों को पूरा करने के लिए वर्चुअल लैब, इमर्सिव कंटेंट और एआई-संचालित निजीकृत शिक्षण समाधान जैसी सुविधाएं शामिल हैं। संस्थान का मिशन डिजिटल विभाजन को पाटना है, जिसके तहत टियर -2 और टियर -3 शहरों, ग्रामीण क्षेत्रों और उत्तर पूर्वी राज्यों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देश के सबसे दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुंचे।
अगले पांच सालों में उभरती तकनीकों में 3.7 मिलियन से अधिक छात्रों को कुशल बनाने की महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के साथ, एनआईईएलआईटी डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी विचारकों, नवप्रवर्तकों और समाज को आगे ले जाने वाली प्रतिभाओं की एक नई पीढ़ी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत के डिजिटल परिवर्तन की यात्रा को आगे बढ़ाएगी।
वर्ष 1994 से, एनआईईएलआईटी के पास सूचना, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार प्रौद्योगिकी (आईईसीटी) में प्रशिक्षण और कौशल विकास की एक समृद्ध विरासत है। 50+ केंद्रों, 700+ मान्यता प्राप्त संस्थानों और 9,000+ सुविधा केंद्रों के अपने व्यापक नेटवर्क के ज़रिए, एनआईईएलआईटी भारत भर में छात्रों और पेशेवरों को उद्योग से संबंधित ज़रूरी ज्ञान और क्षमताओं के साथ सशक्त बना रहा है।

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