
जगदलपुर, 30 अप्रैल 2026/ बस्तर जिले के शैक्षणिक परिदृश्य में आज एक नया अध्याय जुड़ गया, जब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा कक्षा 5वीं और 8वीं की केन्द्रीकृत वार्षिक परीक्षा-2026 के परिणाम घोषित किए गए। इन परिणामों ने न केवल जिले की उभरती प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बस्तर की बेटियां सफलता के हर शिखर को छूने के लिए तैयार हैं। परीक्षा परिणामों के विश्लेषण से यह गौरवपूर्ण तथ्य सामने आया है कि दोनों ही कक्षाओं की मेरिट सूची में छात्राओं ने अपनी मेधा का परिचय देते हुए एकतरफा बढ़त बनाई है।
प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 5वीं के परिणामों ने इस वर्ष सबको चैंका दिया, जहाँ शीर्ष स्थान के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस गौरवशाली सूची में पहले पायदान पर एक या दो नहीं, बल्कि चार विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से अपना परचम लहराया है। सक्सेस कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल जगदलपुर की कौशल्या यादव, इंडियन पब्लिक स्कूल आड़ावाल के आदित्य ठाकुर, पीएम श्री सेजेस लोहण्डीगुडा के ऋषि कुमार गोटे और पीएम श्री सेजेस करपावण्ड की सिया गुप्ता ने 200 में से 195 अंक अर्जित कर 97.50 प्रतिशत के साथ जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सफलता का यह कारवां यहीं नहीं थमा, दूसरे स्थान पर भी छह मेधावियों ने 194 अंकों के साथ अपनी जगह बनाई, जिनमें आकृति सोनकर, यंशिका कश्यप, खिलेश्वरी मण्डावी, भावना पाण्डेय, रितिका बघेल, डिकेश्वरी कश्यप और बकावण्ड के ओम देवांगन शामिल हैं। 5वीं की इस सूची में विशेष बात यह रही कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी आश्रम शालाओं और पीएम श्री स्कूलों ने निजी संस्थानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो जिले में शिक्षा के बढ़ते स्तर का जीवंत प्रमाण है।
ठीक इसी तरह कक्षा 8वीं के परीक्षा परिणामों में भी छात्राओं का ही वर्चस्व रहा। मैत्री संघ विद्या निकेतन जगदलपुर की छात्रा सोनाक्षी नंदी ने 96.50 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता सिद्ध की। इसी विद्यालय की पूर्वी मंडल ने 96 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि एमजीएम स्कूल की महक परवार और माता शबरी कन्या आश्रम चिउरगांव की संतोषी कश्यप ने 95.83 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरा स्थान पाकर जिले का मान बढ़ाया। 8वीं की इस मेरिट सूची में शहरी चकाचौंध के बीच ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाएं, जैसे माता शबरी कन्या आश्रम की एकान्त मौर्य और विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय की अनुति टेनेटी ने भी शीर्ष पांच में जगह बनाकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी भूगोल की मोहताज नहीं होती।
पूरी मेरिट सूची पर नजर डालें तो तोकापाल, दरभा, बकावण्ड और लोहण्डीगुडा जैसे विकासखंडों के बच्चों ने जिस निरंतरता के साथ टॉप 10 में अपनी जगह पक्की की है, वह बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की तस्दीक करता है। 10वें स्थान तक आते-आते मुकाबला इतना कड़ा हो गया कि दर्जनों छात्र 93 प्रतिशत जैसे उत्कृष्ट अंकों के साथ इस सूची का हिस्सा बने। छात्राओं की इस भारी सफलता और ग्रामीण स्कूलों के बढ़ते दबदबे ने न केवल अभिभावकों को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे जिले के शैक्षणिक ढांचे में एक नई ऊर्जा का संचार किया है।









