
IND vs SA: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर 8 मुकाबले में टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के हाथो 76 रन के विशाल अंतर से हार मिली है. सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम की मौजूदा टूर्नामेंट में यह पहली हार है. भारत इससे पहले लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज कर रहा था, लेकिन अहमदाबाद में खेले गए इस मैच में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के विपरीत काफी निराशाजनक रहा. मेजबान टीम के इस तरह अचानक हारने से क्रिकेट फैंस भी हैरान है.
इस करारी हार के बाद पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) ने एक्स पर पोस्ट कर टीम इंडिया की गलतियो का विश्लेषण किया है और आगामी मैचो के लिए तीन अहम सुझाव दिए.
मांजरेकर ने गिनाई टीम इंडिया की कमियां
संजय मांजरेकर हमेशा अपने बेबाक विश्लेषण के लिए जाने जाते है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सबसे पहले साउथ अफ्रीका को उनके शानदार खेल के लिए बधाई दी. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि साउथ अफ्रीका को शुक्रिया, अब हमें स्पष्ट रूप से पता है कि भारत को आगे क्या करना है. मांजरेकर ने बताया कि इस हार से भारत को अपनी गलतियो से जल्दी सीखना होगा. पूर्व क्रिकेटर ने पॉइंट टू पॉइंट तीन अहम बिन्दुओ पर जोर दिया है, जिन पर काम करके भारतीय टीम वापसी कर सकती है.
स्पिन के खिलाफ बैटिंग आर्डर में बदलाव की मांग
मांजरेकर ने अपने पहले सुझाव में कहा कि भारतीय टीम को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपनी रणनीति में तुरंत बदलाव करने की सख्त जरुरत है. उन्होंने स्पष्ट सलाह दी कि बैटिंग आर्डर में उन बल्लेबाजो को टॉप आर्डर में लाया जाना चाहिए जिनके पास स्पिनर्स को खेलने के लिए बेहतरीन तकनीक और सॉफ्ट स्किल्स हो. साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज स्पिनर्स के सामने काफी संघर्ष करते नजर आए थे, जिसके कारण बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह बिखर गया और टीम को विशाल अंतर से हार मिली.
धीमी गेंदो के खिलाफ अभ्यास जरूरी
पूर्व क्रिकेटर ने अपने दूसरे पॉइंट में भारतीय बल्लेबाजो की ट्रेनिंग और प्रैक्टिस के तरीको पर अहम सवाल उठाए है. उन्होंने कहा कि नेट्स में थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट द्वारा भारतीय बल्लेबाजो को लगातार धीमी गेंदे खिलाने का अभ्यास कराया जाना चाहिए. उन्होंने ध्यान दिलाया कि जब गेंदे पिच पर रुक कर आती है, तो भारतीय बल्लेबाज शॉट के चयन में अक्सर गलती करते है. टी20 प्रारूप में इस अहम कमी को दूर करने के लिए थ्रो डाउन में धीमी गेंदो का सामना करना टीम के लिए बहुत आवश्यक है.
विकेट टेकिंग विकल्प के रूप में कुलदीप की जरुरत
संजय मांजरेकर का तीसरा सुझाव भारत के गेंदबाजी आक्रमण को और अधिक धारदार बनाने को लेकर है. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम को एक अतिरिक्त विकेट टेकिंग विकल्प की तलाश करनी ही होगी. इसके लिए प्लेइंग इलेवन में स्पिनर कुलदीप यादव को शामिल करना बेहद जरूरी है. कुलदीप बीच के ओवरो में अपनी गेंदबाजी विविधताओं से साझेदारियां खत्म करने और विकेट निकालने में माहिर है. वह टीम इंडिया के लिए एक अहम एक्स फैक्टर साबित हो सकते है.
जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो का मैच
सुपर 8 चरण में अब भारत का अगला और सबसे अहम मुकाबला 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ होना है. यह मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा. चेन्नई की पिच अक्सर स्पिनर्स को मदद करती है, जो मांजरेकर के सुझाव को और भी प्रासंगिक बनाता है. जिम्बाब्वे की टीम इस टूर्नामेंट में अब तक पूरी तरह से अजेय रही है और उसने अपने पिछले मैचो में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमो को करारी मात दी है. सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को हर हाल में जिम्बाब्वे को हराना होगा.









