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उप मुख्यमंत्री अरुण साव नेशनल अर्बन कॉनक्लेव में हुए शामिल

*नई दिल्ली में आयोजित कॉनक्लेव में ‘क्षमता विकास’ सत्र की अध्यक्षता की, कहा शहरी व्यवस्थाओं में सुधार व नवाचार के लिए नगरीय निकायों में समग्र क्षमता विकास जरूरी*

*केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के दो दिवसीय कॉनक्लेव में बेहतर नागरिक सुविधाओं और टिकाऊ विकास पर हुआ मंथन*

*देशभर से 2500 से अधिक प्रतिनिधियों ने की भागीदारी, इनमें राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्री, नीति निर्माता, शहरी योजनाकार, विशेषज्ञ, निकायों के निर्वाचित पदाधिकारी और अधिकारी शामिल*

रायपुर. 10 नवम्बर 2025. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल अर्बन कॉनक्लेव में शामिल हुए। नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (IICC) में आयोजित इस राष्ट्रीय कॉनक्लेव में देशभर के 2500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्रियों, नीति निर्माताओं, शहरी योजनाकारों, विशेषज्ञों, निकायों के निर्वाचित पदाधिकारियों और अधिकारियों ने बेहतर नागरिक सुविधाओं व शहरों के टिकाऊ विकास (Sustainable Development) की नीतियों पर दो दिनों तक मंथन किया।

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुए राष्ट्रीय शहरी महासम्मेलन (National Urban Conclave) में समग्र शहरी प्रबंधन से जुड़े सात विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कॉनक्लेव में क्षमता विकास विषय पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में नगरीय निकायों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं एवं कार्यो का उल्लेख करते हुए निकायों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता तथा उनके नियमित क्षमता विकास के लिए जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने नगरीय निकायों में विभिन्न सेवाओं एवं कार्यों में संलग्न प्रथम पंक्ति से अंतिम पंक्ति तक के अधिकारियों-कर्मचारियों के समग्र क्षमता विकास की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

श्री साव ने बेस्ट प्रेक्टिसेस एवं विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों के अवलोकन तथा कार्मिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने जिला, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यशालाओं के आयोजन तथा क्लास-रूम सेशन्स, ऑनलाइन आदि माध्यमों से नियमित क्षमता विकास पर जोर दिया। श्री साव ने शहरी व्यवस्थाओं में सुधार एवं नवाचार पर आधारित क्षमता विकास सत्र में शहरी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने अधोसंरचना विकास के साथ क्षमता विकास के महत्व और आवश्यकता पर विस्तार से अपनी बात रखी।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कॉनक्लेव में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल को छत्तीसगढ़ के शहरों में स्वच्छता संबंधी कार्यों पर आधारित काफी टेबल बुक भेंटकर स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने भारत सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप नगरीय प्रबंधन के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री रिमिजियुस एक्का, दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, जगदलपुर के महापौर श्री संजय पाण्डेय, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, दुर्ग नगर निगम के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल और जगदलपुर नगर निगम के आयुक्त श्री प्रवीण कुमार वर्मा भी कॉनक्लेव में शामिल हुए।

*कॉनक्लेव में इन विषयों पर हुआ मंथन, नए कार्यक्रमों की भी लॉन्चिंग*

कॉनक्लेव के अलग-अलग सत्रों में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्रियों, नीति निर्माताओं, शहरी योजनाकारों, विशेषज्ञों, निकायों के निर्वाचित पदाधिकारियों और अधिकारियों ने दो दिनों तक सर्कुलर इकोनॉमी, क्षेत्रीय योजना, क्षमता निर्माण, शहरी शासन, हाउसिंग इको-सिस्टम, शहरी आजीविका एवं गरीबी उन्मूलन तथा निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट (Construction & Demolition Waste) प्रबंधन जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया।

कॉनक्लेव में डंपसाइट रीमेडिएशन एक्सेलरेटर प्रोग्राम (DRAP) का शुभारंभ किया गया। इसके तहत केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा उच्च प्रभाव वाले स्थलों पर केंद्रित डंपसाइट रीमेडिएशन एक्सेलरेटर प्रोग्राम के लिए 8.8 करोड़ मीट्रिक टन लिगेसी अपशिष्ट के निपटान का लक्ष्य तय किया गया है। कॉनक्लेव में स्वच्छ भारत मिशन ज्ञान प्रबंधन इकाई (KMU) के गठन की घोषणा की गई। यह इकाई शहरी स्वच्छता के लिए ज्ञान, सृजन और संस्थागत शिक्षा का राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। हुडको (HUDCO) द्वारा विकसित अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UWIN) का भी शुभारंभ किया गया। यह मंच शहरी परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करेगा। जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने ‘जल ही जननी’ गीत को भी इस दौरान लॉन्च किया गया।

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