
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संवेदनशील एवं दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों के सामाजिक पुनर्वास, आत्मनिर्भरता और मुख्यधारा में प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना आज जमीनी स्तर पर बदलाव की मजबूत मिसाल बन रही है।
समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित यह योजना दिव्यांग दम्पत्तियों को विवाह के पश्चात् आर्थिक संबल प्रदान कर उनके दाम्पत्य जीवन को सुदृढ़ आधार दे रही है, साथ ही उन्हें आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दे रही है।
इस योजना के अंतर्गत जिला गरियाबंद के छुरा विकासखंड स्थित ग्राम कुटेना, पोस्ट पाण्डुका निवासी कुलेश्वरी निषाद एवं उनके पति लकेश निषाद को लाभान्वित किया गया। कुलेश्वरी निषाद 45 प्रतिशत अस्थिबाधित तथा लकेश निषाद 40 प्रतिशत श्रवण बाधित हैं। योजना के प्रावधान अनुसार पति-पत्नी दोनों के दिव्यांग होने की स्थिति में उन्हें एक लाख रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस सहायता से दम्पत्ति ने अपने दाम्पत्य जीवन को सशक्त बनाया और आज वे किसी पर निर्भर नहीं होकर आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।









