
अम्बिकापुर 08 जुलाई 2026/ सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज की अध्यक्षता में बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत सदस्य श्री विजय अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, डीएफओ श्री अभिषेक जोगावत, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, जनप्रतिनिधिगण, सहित समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सांसद श्री चिंतामणि ने विभिन्न एजेंडे पर विभागवार जानकारी लेकर योजनाओं एवं कार्यक्रमों पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा के दौरान स्वीकृत आवासों पर अप्रारंभ एवं निर्माणाधीन आवास की जानकारी ली गई।उन्होंने स्वीकृत आवास में हितग्राहियों को आवास पूर्ण करने पर होने वाली समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए तथा निर्माण कार्य में तेजी लाने कहा।उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को किसानों को पर्याप्त मात्रा में समय पर खाद -बीज उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने उर्वरकों की कालाबाजारी पर विशेष निगरानी रखने तथा खाद विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने कहा। इस दौरान जिले में सड़कों की स्थिति की जानकारी ली गई, उन्होंने आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्यों को शीघ्र पूरा करने कहा, ताकि आमजनों को आवागमन में असुविधा ना हो। अम्बिकापुर शहर में बिजली आपूर्ति की समीक्षा करते हुए कहा कि बिजली कटौती की समस्या संज्ञान में आ रही है। इसके लिए नगर निगम एवं विद्युत विभाग आवश्यक कार्यवाही करें, आमजनों को समस्या ना हो। उन्होंने कहा कि बिजली केबल गुणवत्तापूर्ण हों। उन्होंने नेटवर्क विहीन क्षेत्रों की जानकारी ली तथा बीएसएनएल के अधिकारी को सर्वे कर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को संस्कार एवं व्यवहारिक ज्ञान भी प्रदान किया जाए। कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान दें, समय सीमा तय कर उनकी प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करें। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर देते हुए अभी से बेहतर कार्ययोजना तैयार करने कहा, ताकि जिले में परीक्षा परिणाम में सुधार हो। इस दौरान जिले में भवनविहीन विद्यालयों, जर्जर विद्यालयों, विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल आदि की उपलब्धता की जानकारी ली गई। एकल शिक्षकीय विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी से आंगनबाड़ी केंद्र भवन की स्थिति, केंद्रों में कार्यकर्ता सहायिकाओं की उपलब्धता एवं भर्ती, जिले में कुपोषण की स्थिति सहित अन्य विषयों की जानकारी ली गई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मौसमी बिमारी एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण की आवश्यक तैयारी की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करें, वेक्टर जनित बीमारियों के लक्षण एवं बचाव के तरीके भी बताए जाएं। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की उपलब्धता एवं उपस्थिति की जानकारी ली गई तथा अनुपस्थित रहने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से इलाज में आमजनों को समस्या ना आए, विभाग मॉनिटरिंग करें।
उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आमजनों की समस्या का त्वरित निराकरण हो। उन्होंने सभी प्रकरण को गुणवत्तापूर्ण समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फौती नामांतरण से संबंधित लंबित शिकायतों एवं प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करें। बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत कार्यों एवं प्रगति की जानकारी ली गई। पीएम जनमन योजनांतर्गत गतिविधियों के सेचुरेशन पर विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम-जी के सम्बन्ध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। सांसद श्री चिंतामणि ने कहा कि शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो, सभी लक्ष्य समय सीमा में पूर्ण कर लिए जाएं। जिले के दूरस्थ अंचल तक लोगों को योजनाओं का लाभ मिले। क्षेत्र के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों की भी भागीदार जरूरी है। जनप्रतिनिधि दौरे के दौरान योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुचाएं। जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य कर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आदिम जाति अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, समाज कल्याण, कृषि विभाग, पशुपालन,नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, पीएचई, खाद्य, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण सहित अन्य विभागों के अधिकारियों से विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली गई।









