
प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रधानमंत्री राहत कैशलेस उपचार योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के बाद की महत्वपूर्ण अवधि में त्वरित एवं निर्बाध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों को बिना किसी अग्रिम भुगतान के कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में आर्थिक कारणों से उपचार में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस प्रथम प्रतिक्रिया दल (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) के रूप में तत्काल घटनास्थल पर पहुंचेगी तथा घायल व्यक्ति को निकटतम अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। साथ ही ई-डीएआर (eDAR) में दुर्घटना एवं पीड़ित से संबंधित जानकारी दर्ज कर निर्धारित समय-सीमा में उसका सत्यापन किया जाएगा। ई-डीएआर प्रणाली सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों के डिजिटल एवं पारदर्शी प्रबंधन का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए दुर्घटना, उपचार, पुलिस जांच तथा क्लेम संबंधी समस्त जानकारी एकीकृत रूप से उपलब्ध रहती है।
अस्पतालों की भूमिका के संबंध में बताया गया कि दुर्घटना पीड़ित को तत्काल भर्ती कर उपचार प्रारंभ किया जाएगा तथा उपचार के लिए किसी प्रकार की अग्रिम राशि नहीं ली जाएगी। अस्पताल द्वारा टीएमएस (TMS) पोर्टल में मरीज का पंजीयन कर क्लेम से संबंधित जानकारी ऑनलाइन अपलोड की जाएगी, जिससे उपचार राशि के भुगतान की प्रक्रिया सरल एवं त्वरित रूप से पूर्ण हो सके।
प्रशिक्षण में राहवीर योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने अथवा उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन राशि एवं सम्मान प्रदान किया जाता है। यह योजना समाज में मानवीय संवेदनाओं एवं सहयोग की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस दौरान आईआरएडी (iRAD), ई-डीएआर प्रणाली, सिटीराव फ्लो, डेटा एंट्री वर्कफ्लो तथा दुर्घटना डेटा प्रबंधन से संबंधित तकनीकी एवं कार्यात्मक पहलुओं पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षण का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के डी.आई.ओ श्री पी.सी. वर्मा ने किया।
प्रशिक्षण में डीआईजी श्री एम.आर अहिरे, डीसीपी श्री मयंक गुर्जर, उप परिवहन आयुक्त श्री मनोज ध्रुव, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, ई-डीएआर परियोजना के राज्य रोलआउट प्रबंधक श्री शरांश शिर्के, ट्रैफिक एडीसीपी श्री विवेक शुक्ला, जिला रोलआउट प्रबंधक श्रीमती अर्चना राजपूत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री आशीष देवांगन, सहित पुलिस विभाग एवं सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती सीमा अहिरवार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारियों ने बताया कि राजधानी रायपुर देश का पहला जिला है जहाँ इस योजना के तहत दुर्घटनाग्रस्त पीड़ित व्यक्ति का निःशुल्क इलाज किया गया है |









