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सोमवती अमावस्या के दिन गलती से भी न खरीदें ये चीजें, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

Somvati Amavasya: आज ज्येष्ठ मास की सोमवती अमावस्या है. सनातन धर्म में जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है. इसे अत्यंत दुर्लभ और पवित्र संयोग माना जाता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, मंत्र-जाप, पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण एवं दान-पुण्य सहित अन्य आध्यात्मिक कार्यों का विशेष महत्व होता है.

धार्मिक मान्यताओं और लोक-परंपराओं के अनुसार, अमावस्या का दिन पूरी तरह आध्यात्मिक साधना, सात्विक जीवन और दान-पुण्य के लिए समर्पित माना जाता है. यही कारण है कि आज के दिन कुछ वस्तुओं की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या पर इन वस्तुओं को घर लाने से नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं.

सोमवती अमावस्या पर क्या नहीं खरीदना चाहिए?

नया अनाज या आटा

लोक-मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है. इस दिन घर के लिए नया अनाज, जैसे गेहूं, चावल या आटा खरीदकर लाने से बचना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से संचित धन और अन्न में कमी आ सकती है. यदि अनाज की आवश्यकता हो, तो उसे एक दिन पहले या बाद में खरीदना बेहतर माना जाता है.

सरसों या अन्य खाद्य तेल

अमावस्या के दिन तेल, विशेषकर सरसों का तेल, खरीदना शुभ नहीं माना जाता. ज्योतिष शास्त्र में तेल का संबंध शनि देव से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि इस दिन तेल खरीदने की अपेक्षा उसका दान करना अधिक शुभ फलदायी होता है.

नए कपड़े और जूते

अमावस्या का दिन सादगी, संयम और आध्यात्मिक चिंतन का प्रतीक माना जाता है. इसलिए इस दिन नए वस्त्र, चमड़े की वस्तुएं या जूते-चप्पल जैसी चीजों की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है. लोक-विश्वास है कि अमावस्या पर खरीदी गई ऐसी वस्तुओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

सोना, चांदी और कीमती आभूषण

अमावस्या के दिन बड़े वित्तीय निवेश या सोने-चांदी के आभूषण खरीदने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है. हालांकि शास्त्रों में इसका कोई स्पष्ट निषेध नहीं मिलता, लेकिन पारंपरिक रूप से अमावस्या को आत्मचिंतन और आध्यात्मिक साधना का दिन माना गया है. इसलिए इस दिन धन को दान-पुण्य और सेवा कार्यों में लगाना अधिक श्रेष्ठ माना जाता है.

तामसिक भोजन, मांस और मदिरा

सोमवती अमावस्या पर सात्विक जीवनशैली अपनाने का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन मांस, मदिरा, मछली तथा लहसुन-प्याज जैसे तामसिक खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.

आज के दिन क्या करें?

सोमवती अमावस्या के दिन खरीदारी की बजाय दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों पर विशेष जोर दिया जाता है. आज जरूरतमंदों को अन्न, काले तिल, वस्त्र, जूते-चप्पल या मौसमी फल दान करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.

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