Ro no D15139/23

धान की अधिक पैदावार के लिए किसानों को समसामयिक सलाह

धान की अधिक पैदावार के लिए किसान उर्वरकों के साथ लिक्विड नैनो यूरिया का करें उपयोग
समय पर बीज भंडारण होने से जिले में 1 लाख 54 हजार 494 हेक्टेर में धान की बुवाई संपन्न
जिले में अब तक सहकारी समितियों में 35538 मीट्रिक टन खाद भंडारण, किसानों को 32717 मीट्रिक टन खाद का किया गया वितरण
राजनांदगांव । कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान की अधिक पैदावार के लिए उर्वरकों के साथ लिक्विड यूरिया का उपयोग करने की सलाह दी गई है। किसान धान के कंशे बनने की अवस्था में यूरिया की बोरी का उपयोग न करते हुए तरल रूप में उपलब्ध नैनो यूरिया का एक बॉटल का उपयोग प्रभावी रूप से पत्तियों पर कर सकते है, जो बोरी यूरिया वाले यूरिया से ज्यादा कारगर व पौधों की पत्तियों में सीधा चिपकर नत्रजन की पूर्ति करता है। इससे पौधों के 80 प्रतिशत तक उपयोग क्षमता में बढ़ोतरी होती है। नैनो यूरिया के छिड़काव के लिए 1 लीटर पानी में 2-4 मि. लीटर नैनो यूरिया (4 प्रतिशत नत्रजन) मिलाएं और फसल में सक्रिय विकास के चरणों में पत्तियों पर छिड़काव करें। सामान्य तौर पर एक एकड़ क्षेत्र में नेमसेक स्प्रेयर, बूम या पॉवर स्प्रेयर अथवा ड्रोन सहित अन्य माध्यम से छिड़काव करने के लिए 500 एमएल मात्रा पर्याप्त होती है। सर्वोत्तम परिणाम के लिए 2 पत्तेदार छिड़काव करें। पहला छिड़काव सक्रिय टिलरिंग व ब्रांचिंग अवस्था में अंकुरण के 30-35 दिन बाद या रोपाई के 20-25 दिन बाद एवं दूसरा छिड़काव पहले के 20-25 दिन बाद या फसल में फूल पहले।
जिले में खरीफ धान की बुवाई मानसून के आगमन के साथ ही शुरू हो गई है। खेत की तैयारी के साथ-साथ समय पर बीज भंडारण होने से किसानों द्वारा इसका उठाव कर जिले में अब तक 1 लाख 54 हजार 494 हेक्टेर में धान की बुवाई का कार्य सम्पन्न हो चुका है। शासन द्वारा लगातार यूरिया, डीएपी एवं पोटाश की मांग अनुसार भंडारण समितियों में किया जा रहा है। जिले में अब तक सहकारी समितियों में 35538 मीट्रिक टन खाद भंडारण कर 32717 मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसके साथ ही जिले में लगातार यूरिया, डीएपी की रेक लग रही है, जिसे तत्काल सभी समितियों में भंडारण कराया जा रहा है। धान की खेती में मुख्यत: तीन प्रकार के पोषक तत्व नाईट्रोजन, फास्फोरस तथा पोटाश का उपयोग बीज बुवाई से लेकर कंशे से लेकर गभोट अवस्था तक किया जाता है। प्रथम नत्रजन जिसका कार्य जड़ तना तथा पत्ती की वृद्धि एवं विकास में सहायता करना, बीज और फलों का विकास तथा पुष्पन व जड़ों के विकास में वृद्धि करना है। सामान्य तौर पर शीघ्र पकने वाली धान की किस्मों में 24 किलो ग्राम नत्रजन, 24 किलो ग्राम फास्फोरस तथा 24 किलो ग्राम पोटाश की मात्रा का उपयोग किया जाता है, जिसके लिए एक बोरी यूरिया, एक बोरी डीएपी या तीन बोरी एसएसपी व आधा बोरी पोटाश का उपयोग किया जाना चाहिए। धान के खेत की तैयारी करने के बाद कंशे निकलने तक किसी भी प्रकार के खाद का उपयोग नहीं करना चाहिए, जब फसल 45-50 दिन के बाद धान में कंशे फुटने लगे तक 24 किलोग्राम नत्रजन जिसके लिए एक बोरी यूरिया पुन: पत्तियों पर छिड़काव करना चाहिए। इसी प्रकार मध्यम अवधि में पकने वाले धान किस्मों में तैयारी के समय 30 किलो ग्राम नत्रजन, 24 किलो ग्राम फास्फोरस तथा 24 किलो ग्राम पोटाश का उपयोग करना चाहिए। जिसके लिए 2 बोरी यूरिया, 1 बोरी डीएपी या 2 बोरी एसएसपी या आधा बोरी पोटाश का उपयोग करना चाहिए। जब धान 45-50 दिन हो जाये तभी 30 किलोग्राम नत्रजन का उपयोग किया जाना चाहिए।

  • Related Posts

    नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता के बाद बस्तर में विकास की नई गति : मुख्यमंत्री साय

    *नई औद्योगिक नीति से निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को मिला नया विस्तार*   *नवा रायपुर बन रहा शिक्षा और नई तकनीक का उभरता केंद्र*   *मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…

    Read more

    गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने गौशालाओं को डीबीटी से वितरित की 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि   भोपाल : IMNB NEWS AGENCY     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान…

    Read more

    NATIONAL

    अमेरिका पीछे हटा तो कौन भरेगा खाली जगह? सऊदी अरब के नए सुरक्षा प्लान को समझिए

    अमेरिका पीछे हटा तो कौन भरेगा खाली जगह? सऊदी अरब के नए सुरक्षा प्लान को समझिए

    भारत में विदेशी पर्यटक क्यों नहीं आ रहे? थाईलैंड-वियतनाम से पीछे रहने की 3 बड़ी वजहें

    भारत में विदेशी पर्यटक क्यों नहीं आ रहे? थाईलैंड-वियतनाम से पीछे रहने की 3 बड़ी वजहें

    BJP छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला ने कहा- मकान मालिक 1 तारीख को मांगता है किराया

    BJP छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला ने कहा- मकान मालिक 1 तारीख को मांगता है किराया

    माता सीता की रक्षा एक तिनके से

    माता सीता की रक्षा एक तिनके से

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल