
*‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला में 120 विद्यार्थियों ने सीखी कार्टून और कैरिकेचर की कला*
रायपुर, 3 अगस्त 2026/ बस्तर की सकारात्मक पहचान, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर को रचनात्मक कला के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को जगदलपुर में ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका ‘कार्टून वॉच’ द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में जिले के 10 विद्यालयों के 120 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि कला के माध्यम से अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करना एक बड़ा हुनर है। उन्होंने कहा कि कार्टून और कैरिकेचर केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज, संस्कृति और विकास के सकारात्मक संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की सशक्त विधा हैं।
कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट श्री माधव जोशी और पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार श्री शुभम जिंदे ने लाइव डेमो के माध्यम से विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर बनाने की बारीकियां सिखाईं। उन्होंने कला के सामाजिक महत्व, रचनात्मक संभावनाओं और रोजगार के अवसरों की भी जानकारी दी।
*नए बस्तर की सकारात्मक छवि को मिला रचनात्मक मंच*
कार्यक्रम में बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर विकास, विश्वास और नई संभावनाओं के साथ नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा और जनजातीय संस्कृति जैसी धरोहरें बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिला रही हैं। ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्यशाला का उद्देश्य इन सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक रूप में प्रस्तुत करना है।
‘कार्टून वॉच’ के संपादक श्री त्र्यंबक शर्मा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करना और बस्तर की विशेषताओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। यह कार्यशाला स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने और बस्तर की सकारात्मक छवि को व्यापक स्तर पर स्थापित करने का अभिनव प्रयास है।
*कलेक्टर ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह*
कार्यशाला में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने भी पहुंचकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए कार्टून और चित्रों का अवलोकन किया तथा उनकी कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति की सराहना की।
कलेक्टर ने कहा कि कला समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रभावी माध्यम है। कार्टून जैसी विधा बच्चों में रचनात्मक सोच, संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों को मजबूत करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी कल्पनाओं को रेखाओं और रंगों के माध्यम से समाज के सामने प्रस्तुत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महापौर श्री संजय पांडेय, एमआईसी सदस्य श्री संग्राम सिंह, स्थानीय कार्टूनिस्ट श्री सुभाष पांडे, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।









