
कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर में बुधवार को कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा सह आदान वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चन्देल तथा निदेशक अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय विस्तार सेवायें डॉ. एस. एस. टुटेजा एवं अनुसंधान केन्द्र कुरूद डॉ. नवनीत राणा की उपस्थिति में किया गया। कुलपति डॉ. चन्देल ने कहा कि सीताफल, लाख उत्पादन, चिरईनखी चांवल एवं कोदो-कुटकी में कांकेर के किसानों की अलग पहचान है। उन्हांने कोदो-कुटकी के उत्पादन के साथ-साथ विपणन व्यवस्था पर कार्य करने हेतु विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही प्रधानमंत्री जी के 2047 तक भारतवर्ष को आत्मनिर्भर बनने के स्वप्न को पूर्ण करने किसानों को अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या हो तो तत्काल कृषि विज्ञान केन्द्र से सम्पर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में जिले के प्रगतिशील किसान श्रीमती लकेश बाई ग्राम थानाबोडी, हृदय राम शोरी ग्राम डुमाली, महावीर उसेण्डी ग्राम डुमाली, भुनेश नाग ग्राम पुसवाड़ा एवं बंशीलाल भास्कर ग्राम चोरिया को सम्मानित किया गया तथा दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मसूर की उन्नत किस्म कोटा मसूर-4 का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ग्राम के 83 कृषक सम्मिलित हुए।







