Ro no D15139/23

सौर सुजला योजना से किसान हो रहे आर्थिक रूप से सशक्त

*- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती*

*- सौर सुजला योजना के तहत स्थापित सोलर पंपों में किया गया आवश्यक सुधार कार्य*

राजनांदगांव 19 फरवरी 2026(IMNB NEWS AGENCY) सौर सुजला योजना अंतर्गत कृषकों के खेतों में कृषि सिंचाई हेतु सोलर पंप की स्थापना की जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को विद्युत हेतु बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ता है। जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है और किसान आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रहे हैं। सोलर पंप के उपयोग से राज्य में कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ भू-जल के संरक्षण एवं संवर्धन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिल रही है। सौर सुजला योजना का मुख्य उद्देश्य कृषकों की सिंचाई आवश्यकता हेतु सोलर सिंचाई पंपों की स्थापना करना है।
सौर सुजला योजना के तहत विभिन्न कारणों से कृषकों के खेतों में स्थापित सोलर पंपों अकार्यशील है, ऐसे सोलर पंपों को संबंधित स्थापनाकर्ता इकाई द्वारा सुधार कार्य नहीं करने पर क्रेडा प्रधान कार्यालय रायपुर द्वारा इकाई की जमा सुरक्षानिधि राशि से पंप सुधार हेतु स्वीकृति प्रदान की गई थी। ऐसे अकार्यशील सोलर पंपों को आवश्यकता अनुरूप सुधार कार्य कर कार्यशील किया गया है। जिसके तहत छुरिया विकासखंड के ग्राम लाममेटा के कृषक श्री नंदूलाल साहू को नया कन्ट्रोलर एवं ग्राम कल्लूटोला के कृषक मंशाराम को नया पैनल तथा ग्राम आयाबांधा के कृषक श्री रामप्रसाद को नया पंप प्रदान किया गया है। डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बिजेपार के कृषक श्री रोशन लाल को नया पंप, ग्राम पैरी के कृषक श्रीमती तेजस्वनी बाई को नया कन्ट्रोलर एवं पैनल स्थापित कर सोलर पंप स्थापित किया गया है। योजना अंतर्गत हितग्राही का चयन कृषि विभाग द्वारा किया जाता है। पंप की क्षमता तथा हितग्राहियों के संवर्ग के अनुसार हितग्राहियों द्वारा देय अंशदान की 3 एचपी क्षमता पंप हेतु प्रोसेसिंग शुल्क सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 10 हजार रूपए, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 15 हजार रूपए एवं सामान्य वर्ग के लिए 21 रूपए है। इसी प्रकार 5 एचपी पंप क्षमता हेतु प्रोसेसिंग शुल्क सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 14800, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 19800 रूपए एवं सामान्य वर्ग के लिए 24800 रूपए है।
सौर सुजला योजना उन सभी किसानों के लिए लाभकारी है, जिनके पास कृषि भूमि उपलब्ध उपलब्ध है, लेकिन कृषक के खेत तक विद्युत विस्तार लाईन का व्यय अत्यधिक होने के कारण वहन नहीं करने की स्थिति में केवल मानसून पर ही निर्भर रहते है। ऐसे कृषक अपने कृषि भूमि के निकट स्थित नदी, नाला अन्य जल स्रोत उपलब्ध होने पर डीजल व कैरोसीन पंप स्थापित कर सिंचाई हेतु जलापूर्ति करते हैं। जलस्त्रोत उपलब्ध नहीं होने पर वर्षा का इंतजार करते है। समय पर वर्षा नहीं होने के कारण कृषकों की फसल बर्बाद हो जाती है। जिससे कृषक आर्थिक रूप से कमजोर हो जाते है। सौर सुजला योजना अंतर्गत ऐसे कृषकों के यहां खनित बोर, कुंआ, ऐसे जल स्त्रोतों जहां पर्याप्त मात्रा में सरफेस वाटर उपलब्ध है, वहां सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंप की स्थापना कार्य किया जा रहा है। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए शासन की पहल एवं वित्तीय सहयोग से क्रेडा द्वारा कृषकों के यहां खनित बोर, कुंआ या ऐसे जल स्रोतों जहां पर्याप्त मात्रा में सरफेस वाटर उपलब्ध है, वहां सौर सुजला योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंप का स्थापना कार्य किया जा रहा हैं।
क्रमांक 98 —————–

  • Related Posts

    प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास प्लस 2.0 में अपात्र एवं प्राथमिकता क्रम में परिवर्तन संबंधी सूची जारी 25 अगस्त तक कर सकते हैं दावा आपत्ति

      अम्बिकापुर 10 अगस्त 2026/  प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 में जिले के ग्राम पंचायतों द्वारा आयोजित विशेष ग्राम सभा पश्चात अपात्र 5632 एवं 305 प्राथमिकता क्रम में…

    Read more

    पीपीओ/एमआइआर नंबर को कर्मचारी कोड से लिंक कराने सम्बन्ध में कोषालय अधिकारी द्वारा आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को जारी किए गए पत्र

      अम्बिकापुर 10 अगस्त 2026/   वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने बताया कि आभार लागू होने के पूर्व के पेंशन प्रकरणों में पेंशनरों के PPO/MIR  नंबर से कर्मचारी कोड लिंक नहीं है,…

    Read more

    NATIONAL

    जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पांडवानी ने बांधा समां

    जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा  इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पांडवानी ने बांधा समां

    काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं भगवान का रंग गहरा नीला काले जैसा सलोना 0 जवाहर नागदेव,

    काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं भगवान का रंग गहरा नीला काले जैसा सलोना           0 जवाहर नागदेव,

    साबुन-बिस्किट खरीदना पड़ेगा महंगा, FMCG कंपनियां सितंबर में फिर बढ़ा सकती हैं दाम

    साबुन-बिस्किट खरीदना पड़ेगा महंगा, FMCG कंपनियां सितंबर में फिर बढ़ा सकती हैं दाम

    विश्वभर के दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब एक दशक बाद करेंगे रायपुर का दौरा

    विश्वभर के दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु  सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब एक दशक बाद करेंगे रायपुर का दौरा

    ‘आओ बच्चू, मैं तुम्हें दंगा कराना सिखा देता हूं-कैसे दंगा होता है…’ सीएम योगी का बयान सोशल मीडिया पर वायरल

    ‘आओ बच्चू, मैं तुम्हें दंगा कराना सिखा देता हूं-कैसे दंगा होता है…’ सीएम योगी का बयान सोशल मीडिया पर वायरल

    ‘ढाई किलो का हाथ’ लेकर लखनऊ पहुंचे सनी देओल, प्रीति जिंटा भी साथ: योगी से हुई खास मुलाकात

    ‘ढाई किलो का हाथ’ लेकर लखनऊ पहुंचे सनी देओल, प्रीति जिंटा भी साथ: योगी से हुई खास मुलाकात