Ro no D15139/23

छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम गोढ़ी में हुआ किसान सम्मेलन

*गोढ़ी में उगा 3.7 किलो का शुगरबीट, बायोएथेनॉल उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा*

*रायपुर, 7 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए), रायपुर द्वारा राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के सहयोग से विगत 05 मई 2026 को दुर्ग जिले के बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स, ग्राम गोढ़ी में किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कवर्धा, बेमेतरा एवं दुर्ग जिले के गन्ना उत्पादक किसान तथा कृषि विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सीमा परोहा, निदेशक, एनएसआई कानपुर, डॉ. लोकेश बाबर, सहायक प्राध्यापक, एनएसआई तथा श्री सुमित सरकार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सीबीडीए की विशेष उपस्थिति रही।

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य गन्ना आधारित खेती में सफेद चुकंदर (शुगरबीट) को अंतरफसली के रूप में अपनाकर भूमि उपयोग दक्षता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना था। इस दौरान किसानों को शुगरबीट की खेती का प्रत्यक्ष भ्रमण कराया गया एवं फसल की खुदाई भी की गई, जिसमें शुगरबीट का औसत वजन लगभग 3.7 किलोग्राम पाया गया, जो इसकी सफल खेती की संभावनाओं को दर्शाता है। किसानों ने शुगरबीट के लिए शीघ्र मूल्य निर्धारण एवं प्रभावी विपणन तंत्र विकसित करने की मांग की, साथ ही किसानों द्वारा लाए गए गन्ना फसल के नमूनों पर विशेषज्ञों ने रोग प्रबंधन हेतु आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।

अपने संबोधन में श्री सुमित सरकार ने बताया कि सीबीडीए राज्य में बायोडीजल, बायोएथेनॉल, कंप्रेस्ड बायोगैस एवं ग्रीन हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास हेतु कार्यरत है। इसी क्रम में, नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट के सहयोग से राज्य में पहली बार गन्ना एवं सफेद चुकंदर (शुगर बीट) की अंतरफसली खेती पर अनुसंधान प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि गन्ना एक दीर्घकालीन फसल होने के कारण इसकी प्रारंभिक अवस्था में भूमि का पूर्ण उपयोग नहीं हो पाता, इसलिए शुगरबीट जैसी अल्पावधि फसल को अंतरफसली रूप में अपनाना किसानों के लिए लाभकारी है। उन्होंने बताया कि शुगरबीट लगभग 5-6 माह में तैयार हो जाती है और इसे गन्ने के साथ उगाकर अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे बायोएथेनॉल उत्पादन हेतु अतिरिक्त कच्चा माल उपलब्ध होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

डॉ. सीमा परोहा ने अपने उद्बोधन में कहा कि गन्ना-शुगरबीट अंतरफसली खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का व्यवहारिक विकल्प है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का सफल परीक्षण राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र में किया जा चुका है तथा छत्तीसगढ़ में सीबीडीए के सहयोग से इसका प्रथम क्रियान्वयन हुआ है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने आगामी समय में शुगरबीट के लिए उपयुक्त क्रय मूल्य निर्धारण की दिशा में पहल करने की बात कही। श्री संतोष कुमार मैत्री, सहायक परियोजना अधिकारी, सीबीडीए ने बताया कि राज्य में पहली बार गन्ना एवं शुगरबीट की अंतरफसली खेती पर ग्राम गोढ़ी में अनुसंधान प्रारंभ किया गया है। एनएसआई से प्राप्त एलएस-6 किस्म के माध्यम से किए गए इस अध्ययन के प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक हैं, विशेषकर मुरुम भूमि में इसकी सफलता ने किसानों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। डॉ. लोकेश बाबर ने किसानों को शुगरबीट की खेती अपनाने हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि यह कम लागत में अधिक लाभ देने वाली तकनीक है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनएसआई द्वारा किसानों को बीज उपलब्ध कराए जाएंगे तथा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सीमा परोहा ने सीबीडीए परिसर स्थित हर्बेरियम एवं आर्बाेरेटम का भ्रमण किया तथा ऊर्जा फसल नेपियर घास के क्षेत्र का अवलोकन किया, जिससे कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन की संभावनाएं हैं। किसानों को विश्वास दिलाया गया कि यह पहल छत्तीसगढ़ को जैव ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ किसानों को “अन्नदाता” के साथ “ऊर्जा दाता” के रूप में स्थापित करेगी। अंत में, उपस्थित किसानों एवं अधिकारियों को सम्मान स्वरूप गमछा एवं टोपी प्रदान कर कार्यक्रम का समापन किया ।

  • Related Posts

    केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिले में तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर आयोजित

    रायपुर, 17 जून 2026/ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में राजस्व अनुभाग स्तर पर 18 से 20 जून…

    Read more

    बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, कर्मचारियों का जन्मदिन बना यादगार – “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ

      रायपुर, 17 जून 2026/ जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री…

    Read more

    NATIONAL

    ट्रंप के सामने पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा, बोले- समुद्री मार्गों और नाविकों की सुरक्षा जरूरी

    ट्रंप के सामने पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा, बोले- समुद्री मार्गों और नाविकों की सुरक्षा जरूरी

    रूसी वॉरशिप ने ब्रिटेन के पास की फायरिंग, इंग्लिश चैनल में तनाव, भारतीय कप्तान की गिरफ्तारी पर भड़की पुतिन की नेवी?

    रूसी वॉरशिप ने ब्रिटेन के पास की फायरिंग, इंग्लिश चैनल में तनाव, भारतीय कप्तान की गिरफ्तारी पर भड़की पुतिन की नेवी?

    पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर चमका छत्तीसगढ़ की संस्कृति

    पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर चमका छत्तीसगढ़ की संस्कृति

    बंगाल: फर्जी हस्ताक्षर मामले में नया अपडेट, न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने सुनवाई से खुद को किया अलग

    बंगाल: फर्जी हस्ताक्षर मामले में नया अपडेट, न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने सुनवाई से खुद को किया अलग

    पीएम मोदी को मिला स्लोवाकिया का सर्वोच्च सम्मान; किसी भी देश द्वारा दिया गया यह 33वां वैश्विक पुरस्कार

    पीएम मोदी को मिला स्लोवाकिया का सर्वोच्च सम्मान; किसी भी देश द्वारा दिया गया यह 33वां वैश्विक पुरस्कार

    ट्रंप का दावा: ईरान परमाणु हथियार न रखने पर हुआ सहमत

    ट्रंप का दावा: ईरान परमाणु हथियार न रखने पर हुआ सहमत