Ro no D15139/23

समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति किं्वटल से बढ़ा किसानों का उत्साह

धान खरीदी केंद्रों में उत्कृष्ट सुविधाएँ – किसान संतुष्ट और तैयार

राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारू और किसान-केंद्रित बनाने के लिए किए गए व्यापक प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति किं्वटल निर्धारित होने के बाद किसानों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले के ऐसे संतुष्ट और उत्साहित किसानों में ग्राम ढेगुरडीह के किसान श्री धनाराम राठिया हैं। उनके पास 05 एकड़ कृषि भूमि है और वे धान के साथ-साथ मूंगफली की खेती भी करते हैं। उन्होंने पिछले वर्ष 100 किं्वटल धान का विक्रय किया था। वे अपना धान प्रतिवर्ष कोरकोमा मंडी में बेचते हैं।
इस वर्ष भी बढ़े हुए समर्थन मूल्य और उत्कृष्ट सुविधाओं से वे बेहद संतुष्ट और उत्साहित हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में किसानों की जरूरतों को समझा है। इसी सोच का परिणाम है कि 3100 रुपये प्रति किं्वटल समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 किं्वटल की नीति ने सभी किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत और खुशहाल बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इसके साथ ही समिति में धान विक्रय के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या न आने से यह और स्पष्ट हो जाता है कि सरकार किसानों को समझती है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए लगातार बेहतरीन कार्य कर रही है।
धान विक्रय से प्राप्त आय को श्री राठिया हर वर्ष किसानी में ही पुनः निवेश करते हैं। छह बच्चों 03 बेटियाँ और 03 बेटे के पिता होने के नाते खेती उनके परिवार का मुख्य आधार रही है। बढ़े हुए समर्थन मूल्य ने उनकी योजनाओं को और मजबूत किया है। वे बताते हैं कि इस वर्ष की आय का उपयोग वे खेत सुधार और मूंगफली की खेती बढ़ाने में करेंगे।
सभी सहकारी समितियों और उपार्जन केंद्रों पर पीने के पानी, साफ-सुथरा बैठने का स्थान, छायादार शेड, शौचालय, हेल्प डेस्क, और निगरानी दलों की नियमित उपस्थिति जैसी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं ताकि किसी किसान को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। तौल प्रक्रिया, टोकन व्यवस्था और भुगतान प्रणाली पहले से कहीं अधिक पारदर्शी होने के कारण किसान सुरक्षित और निशिं्चत हैं।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत के निर्देशन में जिले के उपार्जन केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों की नियमित उपस्थिति, किसानों को  किसी प्रकार की समस्याओं न हो, और सुरक्षा व पारदर्शिता पर विशेष ध्यान ने संपूर्ण प्रक्रिया को अत्यंत सरल बना दिया है। इस व्यवस्था के कारण किसान उत्साहित हैं।

  • Related Posts

    जनगणना-2027 का प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न

    जशपुर जिले के नागरिकों के सहयोग से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य हुआ पूर्ण फरवरी 2027 में होगा जनसंख्या गणना का दूसरा चरण कलेक्टर श्री व्यास ने जिलेवासियों…

    Read more

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समरसता, सादगी और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त कर रही : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    *बेमेतरा में सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद*   *विधायक श्री दीपेश साहू ने सामूहिक विवाह में शामिल होकर प्रस्तुत की प्रेरणादायी मिसाल, बैलगाड़ी में…

    Read more

    NATIONAL

    डीआरआई ने बिहार में लगभग 105 किलोग्राम गांजा जब्त किया; दो गिरफ्तार

    डीआरआई ने बिहार में लगभग 105 किलोग्राम गांजा जब्त किया; दो गिरफ्तार

    धरती मां को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प, 1 जून से रायसेन से शुरू होगा ‘खेत बचाओ अभियान’

    धरती मां को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प, 1 जून से रायसेन से शुरू होगा ‘खेत बचाओ अभियान’

    प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी में अपने संबोधन की प्रमुख बातें साझा कीं

    प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी में अपने संबोधन की प्रमुख बातें साझा कीं

    ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में गणना चरण शुरू हो गया है

    ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में गणना चरण शुरू हो गया है

    लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सुशासन और जनसेवा का आदर्श उदाहरण : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सुशासन और जनसेवा का आदर्श उदाहरण : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    दस की झालमुड़ी-एक की मेलोडी-विपक्ष का सूपड़ा साफ, कमाई का जरिया रिश्वतखोर, पैदा होेते हैं बाप-बच्चे नहीं,केजरीवाल का क्रंदन,

    दस की झालमुड़ी-एक की मेलोडी-विपक्ष का सूपड़ा साफ, कमाई का जरिया रिश्वतखोर, पैदा होेते हैं बाप-बच्चे नहीं,केजरीवाल का क्रंदन,