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धान खरीदी व्यवस्था से किसानों में खुशी का माहौल

*बस्तर के मूली धान खरीदी केंद्र में किसानों को मिल रही हर सुविधा*

*रायपुर, 27 नवम्बर 2025/* राज्य शासन की पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था का सकारात्मक असर अब गांव-गांव में साफ दिख रहा है। खरीदी केंद्रों में समयबद्ध तौल, टोकन प्रणाली की सुगमता और बेहतर सुविधाओं ने किसानों को राहत दी है। बस्तर जिले के बकावण्ड विकासखण्ड के मूली धान खरीदी केंद्र में आज पहुंचे किसानों ने कहा कि इस साल की व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद है।

*साफ-सुथरी एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था से बच रहा समय- किसान लखीराम*
कुम्हरावण्ड निवासी किसान लखीराम ने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी की स्पष्ट व्यवस्था और टोकन प्रक्रिया के बेहतर संचालन ने उन्हें काफी सुविधा दी है। केंद्र में पर्याप्त स्टाफ की मौजूदगी से तौल में किसी तरह की देरी नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि आज 60 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन कटवाया है और बिना किसी परेशानी के प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जिससे हमारा समय बचा है।

*हमाल, बारदाना और पेयजल सब उपलब्ध, कोई दिक्कत नहीं – दलपति कश्यप*
कुम्हरावण्ड के ही किसान दलपति कश्यप ने कहा कि 27 नवम्बर का टोकन लेकर सुबह केंद्र पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार तौल के लिए हमाल और बारदाना उपलब्ध हैं, किसानों के लिए पेयजल और बैठने की व्यवस्था भी की गई है। इस बार खरीदी केंद्र में आने पर ऐसा लगता है कि किसानों की सुविधाओं का सचमुच ध्यान रखा गया है।

*इस बार पैदावार भी अच्छी और व्यवस्था भी पर्याप्त – महिला कृषक मंगली कश्यप*
कुम्हरावण्ड निवासी महिला कृषक श्रीमती मंगली कश्यप ने बताया कि उनके पास कुल 10 एकड़ कृषि भूमि है, जिनमें इस वर्ष अच्छी पैदावार हुई है। वे 116 क्विंटल धान बिक्री के लिए लायी थीं। खेत में नलकूप होने से अब रबी सीजन में ढाई एकड़ में मक्का की फसल लेने की तैयारी कर रहीं हैं।

*बारदाना, परिवहन और ऑनलाइन सुविधा सब है बहुत व्यवस्थित – केंद्र प्रभारी*
मूली धान खरीदी केंद्र के प्रभारी श्री एमआर भद्रे ने बताया कि इस वर्ष खरीदी सीजन के लिए पर्याप्त बारदाना, सुचारू परिवहन व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं पहले से सुनिश्चित कर दी गई हैं। किसानों को उनके धान की तौल और भुगतान से संबंधित हर जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध हो रही है, जिससे पारदर्शिता और भी बढ़ी है। इस बार बोरीगांव, बारदा, कुम्हरावण्ड, किंजोली, चापापदर, मूली, चिखल करमरी और करंजी के कुल मिलाकर 865 किसानों में केंद्र में धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया है।

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