
राजनांदगांव 22 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) भारत सरकार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू किया गया है। नियमों के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, स्रोत स्तर पर पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निस्तारण हेतु विस्तृत प्रावधान निर्धारित किए गए है। इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने तथा जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी गतिविधियों की सतत समीक्षा एवं मानिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेल का गठन किया गया है।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव जिला स्तरीय सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेल के अध्यक्ष है। उनके द्वारा सेल की समग्र मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय एवं नीति संबंधी निर्णय लिया जाएगा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह जिला स्तरीय सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेल की सदस्य सचिव है। उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2026 के क्रियान्वयन की समीक्षा एवं निगरानी की जाएगी। ग्राम पंचायतों को थोक कचरा उत्पादक की पहचान एवं पंजीकरण में सहयोग किया जाएगा। जिसमें ईबीडब्ल्यूजीआर सर्टिफिकेट, लीगेसी वेस्ट एण्ड डंपसाइट रेमेडिसन शामिल है। एसबीएम (जी) राज्य बजट एवं वित्त आयोग निधि का समन्वित उपयोग सुनिश्चित करेंगे तथा ग्राम पंचायतों की अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक क्षमता निर्माण हेतु आवश्यक हस्तक्षेप करेंगे। सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे तथा ऑनलाईन शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाएगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2026 का सारांश स्थानीय भाषा में अनुवाद कर प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।
जिले के सभी नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारी सेल के सदस्य है। उनके द्वारा शहरी क्षेत्रों में डोर टू डोर कलेक्शन, सेग्रीगेशन, वेस्ट डिस्पोजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। नगरीय निकाय 1 अप्रैल 2026 से 4-स्ट्रीम सेग्रीगेशन अनिवार्य रूप से लागू करेंगे। जिसमें गीला, सूखा, स्वच्छता एवं विशेष देखभाल धाराएं सम्मिलित है। सफाई सेग्रीगेशन द्वारा गैर-अनुपालन करने वाले उत्पादकों को चालान जारी किया जाएगा। पुराने डंपसाइट के लिए पृथक समयबद्ध कार्य योजना तैयार की जाएगी। केवल रिजेक्ट को ही सेनेटरी लैंडफिल में जाने दिया जाएगा। सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे तथा ऑनलाईन शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाएगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2026 का सारांश स्थानीय भाषा में अनुवाद कर वार्ड प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रत्येक घर तक पहुंचाया जाएगा।
इसी तरह जिला स्तरीय सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेल में क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवायें, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, उप संचालक कृषि विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, जिला शिक्षा अधिकारी, उप संचालक पंचायत, उप संचालक जनसंपर्क विभाग, उप संचालक समाज कल्याण, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सदस्य है। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्वच्छता जल निकासी एवं संबंधित अधोसंरचना के समन्वय में सहयोग प्रदान करने, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवायें को स्वच्छता संबंधित अधोसंरचना में तकनीकी सहयोग प्रदान करने, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग एवं उप संचालक कृषि विभाग को स्वच्छता एवं वेस्ट सेग्रीगेशन संबंधी जागरूकता गतिविधियोंं का संचालन, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को महिलाओं को स्वच्छता संबंधित एवं वेस्ट सेग्रीगेशन संबंधी जागरूकता गतिविधियों का संचालन प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र में जानकारी प्रदान करने और स्वच्छता के प्रचार-प्रसार में सहयोग प्रदान करने, जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में स्वच्छता एवं वेस्ट सेग्रीगेशन संबंधी जागरूकता गतिविधियों का संचालन एवं छात्र-छात्राओं के नियमित व्यावहार में सम्मलित करवाने और एक शिक्षक को स्वच्छता के प्रभार देने, उप संचालक पंचायत को ग्राम पंचायतों में आवश्यक कर्मचारियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं जीपीडीपी स्वच्छता एवं वेस्ट सेग्रीगेशन संबंधी जागरूकता गतिविधियों का सम्मेलन आयोजित करने, उप संचालक जनसंपर्क विभाग, उप संचालक समाज कल्याण एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास तथा को स्वच्छता एवं वेस्ट सेग्रीगेशन संबंधी जागरूकता गतिविधियों का प्रचार-प्रसार करने, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सेनेटरी वेस्ट एवं स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं की निगरानी करने एवं समय-समय स्वाच्छताग्राहियों का स्वास्थ्य जांच करवाने का दायित्व सौंपा गया है। इसके साथ ही सदस्यों को समय-समय पर अन्य आवश्यक कार्य सौंपे जाएंगे।









