
दूरभाष के माध्यम से प्रति सप्ताह ली जा रही स्वास्थ्य जानकारी*
राजनांदगांव 28 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को विशेष जांच, इलाज एवं प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। इस प्रयासों से जिले में मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में वर्तमान में 2043 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सेहत की निगरानी के लिए प्रति सप्ताह दूरभाष के माध्यम से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। शासकीय अस्पतालों एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से जिले की गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है। अब तक 1698 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की एक बार तथा 1237 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की दो बार नि:शुल्क सोनोग्राफी कर जांच एवं आवश्यक उपचार किया गया है। ऐसी गर्भवती महिलाएं, जिनकी प्रसव की संभावित तिथि में केवल 15 दिन शेष हैं, उनके घरों में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विशेष रूप से गृह भेंट (होम विजिट) कर स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक परामर्श तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए आवश्यक तैयारियों की जानकारी दी जा रही है। इस दौरान महिलाओं को प्रसव के लिए मानसिक रूप से तैयार करने, संस्थागत प्रसव के लाभ बताने एवं आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पीएमएसएमए दिवस पर आयोजित विशेष शिविरों, नियमित फॉलोअप एवं आईएमए के डॉक्टरों के सहयोग से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं दी जा रही है। जिससे जिले में सुरक्षित प्रसव की संख्या बढ़ी है।








