
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने निर्माण कार्य का किया निरीक्षण, गुणवत्ता व समयसीमा पर दिया विशेष जोर
धमतरी, 13 फरवरी 2026/ धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में बहुप्रतीक्षित फुटहामुड़ा नहर निर्माण परियोजना अब तेज गति से आगे बढ़ रही है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे किसानों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा आज प्रातः ग्राम फुटहामुड़ा पहुंचकर निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यस्थल पर उपस्थित अधिकारियों से तकनीकी जानकारी ली तथा निर्माण गुणवत्ता, कार्य की गति और समय सीमा की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी अपेक्षाओं और सुझावों को भी जाना।
कलेक्टर मिश्रा ने परियोजना को नगरी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि फुटहामुड़ा नहर परियोजना विकासखंड के किसानों को दीर्घकालीन सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराएगी। प्रशासन की प्राथमिकता है कि निर्माण कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता जल प्रबंध संभाग रूद्री कोड 38 श्री हेमलाल कुरेसिया साथ थे।
फुटहामुड़ा नहर का निर्माण गंगरेल जलाशय के सैंडल डैम, ग्राम फुटहामुड़ा से प्रारंभ होकर लगभग 19.74 किलोमीटर लंबाई में किया जा रहा है। परियोजना पूर्ण होने पर नगरी विकासखंड के 22 ग्रामों के लगभग 1940 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों का रकबा बढ़ेगा और किसानों की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
परियोजना के क्रियान्वयन में प्रशासनिक स्तर पर भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मुख्य नहर से प्रभावित 10 ग्रामों में कुल 14.33 हेक्टेयर भूमि का भू-अर्जन पूर्ण कर लिया गया है। वहीं वन प्रकरण से प्रभावित 24.42 हेक्टेयर भूमि की अंतिम चरण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसके साथ ही निर्माण कार्य में आने वाली प्रमुख प्रशासनिक बाधाएं दूर हो गई हैं, जिससे कार्य अब निर्बाध गति से आगे बढ़ रहा है।
जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग के अनुसार यह परियोजना केवल सिंचाई सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। सिंचाई सुनिश्चित होने से किसानों की आय में वृद्धि होगी, कृषि आधारित रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा पलायन पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। साथ ही फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।
फुटहामुड़ा नहर परियोजना नगरी अंचल में कृषि समृद्धि की नई दिशा तय करने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है, जो क्षेत्र में हरित विकास और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला सिद्ध होगी।







