
राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना घटक-मानव संसाधन विकास माली प्रशिक्षण कार्यकम शासकीय उद्यान रोपणी दुलदुला में उद्यानिकी विभाग द्वारा विगत 18 नवम्बर 2025 को विधिवत शुभारंभ जनपद अध्यक्ष राजकुमार सिंह द्वारा किया गया।
उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित माली प्रशिक्षण कार्यक्रम वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप एक महत्वपूर्ण पहल बन चुका है। बदलते कृषि परिदृश्य, बढ़ती उद्यानिकी मांग, और गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं, महिलाओं और पारंपरिक मालियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहा है। माली प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को पौध उत्पादन की आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक ग्राफ्टिंग, कटिंग, नर्सरी प्रबंधन, पौध संरक्षण, कीट-रोग नियंत्रण, शेडनेट तथा पॉलीहाउस तकनीक जैसी विधियों में दक्ष बनाना है। आज के समय में गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन केवल परंपरागत ज्ञान से संभव नहीं है। पौधों की बढ़ती मांग, जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियाँ, और कीट-रोग हमलों से निपटने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों अनिवार्य हो गई हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग, जैविक और रासायनिक उपचारों का संतुलित प्रयोग, तथा उन्नत सिंचाई तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण का एक बड़ा सामाजिक प्रभाव यह है कि इससे ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। नर्सरी स्थापित करना, गार्डनिंग सेवाएँ, पार्क एवं संस्थागत बागवानी, पौध रोपण कार्य, तथा लैंडस्केपिंग जैसे क्षेत्रों में अच्छी आय सम्भव है। महिलाओं की भागीदारी भी इन प्रशिक्षणों में लगातार बढ़ रही है। पौध उत्पादन और नर्सरी प्रबंधन ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ महिलाएँ सहज रूप से कार्य कर सकती हैं। इससे महिला सशक्तिकरण को भी नई गति मिल रही है।
सहायक संचालक उद्यान जशपुर श्री करण सोनकर द्वारा बताया कि वर्तमान समय में फल, फूल, सब्जी एवं औषधीय पौधों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में प्रशिक्षित माली रोजगार एवं आय के नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। कार्यक्रम में कुल 20 किसानों को माली प्रशिक्षण का लाभ दिया जा रहा है। कार्यक्रम में में जनपद उपाध्यक्ष कपिल साय एवं शासकीय उद्यान रोपणी दुलदुला के समस्त अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।







