
रायपुर, 04 जून 2026/छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ के तहत आज विकासखंड मगरलोड के ग्राम पंचायत परसट्ठी में क्लस्टर स्तरीय समाधान शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर में परसट्ठी सहित आस-पास की 10 ग्राम पंचायतों परसट्ठी, नवागांव, चंदना, चन्द्रसुर, बुड़ेनी, भेण्डरी, परेवाडीह, मोहरेंगा, कुण्डेल एवं धौराभाठा (कु.) के ग्रामीणों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते मौके पर ही 370 आवेदनों का तत्काल निराकरण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई।
आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट निराकरण
शिविर में कुल 642 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें 608 मांग और 34 शिकायत संबंधी मामले शामिल थे। प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही 370 आवेदनों जिसमे 368 मांग और 2 शिकायत के आवेदन का तुरंत निपटारा किया गया। शेष बचे प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है।
योजनाओं की सीधी सौगात
यह समाधान शिविर केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ का जरिया भी बना। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को लाभ प्रदान किए गए। जनपद पंचायत द्वारा 3 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड जारी किए गए। समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरणों का वितरण किया । श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों को श्रम कार्ड बांटकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा गया। परिवहन विभाग ने 12 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए, जिनमें से 5 को मौके पर ही लाइसेंस सौंपे गए।
स्वास्थ्य जांच और ‘आयुष्मान वय वंदन कार्ड’
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर में विशेष चिकित्सा कैंप लगाया, जहां 58 ग्रामीणों का सिकल सेल, ब्लड प्रेशर, शुगर और सामान्य सर्दी-बुखार का परीक्षण कर दवाइयां दी गईं। इसके साथ ही, पात्र वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदन कार्ड का वितरण भी किया गया।
“अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ”
शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँचाने सरकार प्रतिबद्ध है। जनता से प्राप्त हर एक आवेदन का संवेदनशीलता के साथ तय समय में निराकरण कियक जा रहा है। एक ही छत के नीचे तमाम सरकारी विभागों की सेवाएं और समस्याओं का तुरंत समाधान मिलने से ग्रामीण बेहद खुश नजर आए। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक बेहद प्रभावी कदम बताया। ‘सुशासन तिहार’ के ये शिविर छत्तीसगढ़ में शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाकर प्रशासनिक सेवाओं को सीधे गांव-गांव तक पहुंचा रहे हैं।









