
*- शिविर में आवेदन करते ही तत्काल मिली किसान किताब*
*- अब आसानी से मिलेंगी कृषि सुविधाएं*
राजनांदगांव 07 मई 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों के लिए राहत और समाधान का माध्यम बन रहा है। डोंगरगढ़ विकासखंड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र ग्राम पीपरखारकला निवासी किसान श्री लेखूराम के लिए यह आयोजन मददगार साबित हुआ। जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन करने पर समस्या का तत्काल समाधान हो गया, जिससे वे बेहद खुश हैं। कलस्टर ग्राम पंचायत बुढ़ानछापर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में किसान श्री लेखूराम अपनी किसान किताब बनवाने की समस्या लेकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि किसान किताब नहीं होने के कारण उन्हें खेती-किसानी से जुड़ी अनेक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। सुशासन तिहार शिविर में उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर राजस्व विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही किसान किताब उपलब्ध करा दी गई। किसान किताब हाथ में मिलते ही श्री लेखूराम के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास ही नहीं था कि उनकी समस्या का इतनी जल्दी समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें किसान किताब बनवाने के लिए उन्हें बड़े कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं पड़ी, जिससे उनका समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी की बचत हुई है।
किसान श्री लेखूराम ने बताया कि अब किसान किताब मिलने से उन्हें सहकारी समिति से खाद-बीज आसानी से मिल सकेगा। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), कृषि ऋण एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि किसान किताब खेती-किसानी के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसके अभाव में किसानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में जनसामान्य की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। गांव स्तर पर शिविर आयोजित होने से ग्रामीणों को विभागीय कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है। किसान श्री लेखूराम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने अन्य ग्रामीणों से भी शासन की योजनाओं का लाभ लेने और शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान कराने कहा।
क्रमांक 39 —————–









