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उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान और सुरक्षित देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग की अपील

महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान और नियमित देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग ने बताया है कि जिन महिलाओं में विशेष चिकित्सकीय स्थितियाँ या जटिलताएँ पाई जाती हैं, उन्हें तुरंत अपने नजदीकी हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में संपर्क कर आवश्यक परीक्षण और उपचार कराना चाहिए।
उच्च जोखिम गर्भावस्था की स्थिति तब मानी जाती है जब गर्भवती महिला की उम्र 35 वर्ष से अधिक या 17 वर्ष से कम हो, या फिर उसे डायबिटीज, थायरॉइड, मिर्गी, उच्च रक्तचाप, हृदय या किडनी संबंधी बीमारी हो। इसके अतिरिक्त दो या दो से अधिक बार गर्भपात होना, पिछला प्रसव ऑपरेशन से होना, सिफीलिस, टीबी या एचआईवी जैसी बीमारियाँ, गर्भ में बच्चे की स्थिति आड़ी, तिरछी या उल्टी होना, पिछली गर्भावस्था में जटिलताएँ रहना, धूम्रपान या शराब सहित अन्य नशे की आदत और एनीमिया जैसी स्थितियाँ भी गर्भावस्था को उच्च जोखिम की श्रेणी में ले आती हैं।
उच्च जोखिम की आशंका तब भी हो सकती है जब गर्भवती महिला को अत्यधिक सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, तीव्र पेट दर्द, हाथ-पैर या चेहरे में सूजन, किसी भी प्रकार का रक्तस्त्राव या पानी जैसा रिसाव हो, या फिर पेट में बच्चे की गतिविधि कम महसूस हो। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना अत्यंत आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच करानी चाहिए, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का समय पर सेवन करना चाहिए, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना चाहिए, पर्याप्त आराम करना चाहिए और तनाव से बचना चाहिए। डायबिटीज और बीपी की स्थिति को नियंत्रण में रखना भी बेहद जरूरी है। प्रसव के लिए समयपूर्व उचित योजना बनाना गर्भवती महिला और शिशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
यदि गर्भवती महिला को किसी भी प्रकार का रक्तस्त्राव हो, बुखार या अत्यधिक दर्द महसूस हो, या फिर बच्चे की हरकत कम हो जाए, तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर या हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में पहुँचकर उपचार कराना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि किसी भी जोखिम या असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच, उपचार और जागरूकता सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ मातृत्व की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

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