
वनांचल के गांव में स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर बनाकर दिए आयुष्मान कार्ड*
रायपुर, 31 जुलाई 2026/ घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनाने की विशेष योजना के तहत सरकार और स्वास्थ्य विभाग की टीमें पात्र परिवारों के घर पहुंच रही हैं। इसके अलावा, आप खुद भी घर बैठे Beneficiary Portal या मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से अपना आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कामापेदागुड़ा में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने जनसेवा की एक प्रेरक मिसाल पेश की। घनघोर अंधेरा, लगातार बारिश और बिजली नहीं होने जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम टॉर्च और मोबाइल की रोशनी के सहारे गांव के घर-घर पहुंची और पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान भारत तथा वय वंदन योजना के कार्ड बनाए।
एक ही रात में टीम ने 15 आयुष्मान कार्ड और 2 वय वंदन योजना के कार्ड तैयार किए। स्वास्थ्य कर्मियों ने उन परिवारों तक पहुंचकर कार्ड बनाए, जिन्हें इलाज के खर्च की चिंता लंबे समय से परेशान कर रही थी। इस अभियान ने यह साबित किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।
*संध्या पंडो को मिला इलाज का भरोसा*
आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने वाली हितग्राही संध्या पंडो ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम रात में उनके घर पहुंची और उनका आयुष्मान कार्ड बनाया। अब उन्हें इलाज के खर्च की चिंता नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि यह कार्ड उनके परिवार के लिए कठिन समय में सुरक्षा और भरोसे का आधार बनेगा।
*दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही योजनाओं का लाभ*
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सुकमा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। जिले में 2 लाख 51 हजार 722 पात्र हितग्राहियों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 2 लाख 04 हजार 944 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। शेष 46 हजार 767 पात्र हितग्राहियों को भी शीघ्र आयुष्मान योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कामापेदागुड़ा की यह घटना बताती है कि जब प्रशासन की मंशा मजबूत हो और कर्मचारी पूरी निष्ठा से काम करें, तब अंधेरी रात, मूसलाधार बारिश और कठिन रास्ते भी जनसेवा के कार्य को नहीं रोक सकते। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का नया भरोसा बनकर सामने आई है।








