Ro no D15139/23

हर खेत तक सहायता, हर किसान तक विश्वास दृ शासन की योजनाओं से खरीफ की शुरुआत बनी आसान

समय पर मिला खाद-बीज, अब हर फसल से जुड़ी है उम्मीद और उत्साह

कोरबा, 10 जुलाई 2025 /
कोरबा जिले में इस समय खरीफ सीजन की बुआई का कार्य अपने चरम पर है। झमाझम बारिश के बीच खेतों में रौनक लौट आई है और किसानों में उत्साह का माहौल है। इस पूरे कृषि चक्र को सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। शासन की प्राथमिकता है कि प्रदेश समेत जिले के किसी भी किसान को कृषि में समस्या महसूस न हो।

जिले की सभी सहकारी समितियों में खाद एवं बीज का भरपूर भंडारण किया गया है और वितरण की प्रक्रिया निरंतर पारदर्शी और सुगम ढंग से जारी है। समितियों के माध्यम से किसानों को यूरिया, डीएपी, पोटाश, सुपर फास्फेट, नैनो यूरिया सहित प्रमाणित एवं उन्नत किस्म के धान बीज जैसे दृ स्वर्णा, 1010, 1001 और 1156 का वितरण किया जा रहा है।

सहकारी समितियों में किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए वितरण कार्य को इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि किसानों को न तो लंबी कतार में लगना पड़ रहा है और न ही अनावश्यक इंतजार करना पड़ रहा है। किसान अपनी आवश्यकता अनुसार समितियों में पहुंचकर सुगमता से खाद-बीज प्राप्त कर रहे हैं।

आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, सोनपुरी समिति के महाप्रबंधक श्री बरत साहू ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार समुचित भंडारण और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक कुल 2,429.8 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। समिति में पंजीकृत लगभग 95 प्रतिशत किसान खाद-बीज का उठाव कर चुके हैं, और शेष किसानों को भी शीघ्र ही सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

श्री साहू ने यह भी बताया कि शासन द्वारा समय-समय पर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त खाद-बीज भेजा जा रहा है, जिससे वितरण में कोई रुकावट न आए। यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रत्येक किसान को उनकी जरूरत के अनुसार समुचित मात्रा में गुणवत्ता युक्त बीज और खाद प्राप्त हो। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी कुछ दिनों में शत-प्रतिशत किसानों को खाद-बीज का वितरण पूर्ण कर लिया जाएगा।

शासन की दूरदर्शी नीतियों और समय पर योजना क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप इस वर्ष किसानों को खेती की शुरुआत में किसी भी प्रकार की कमी नहीं झेलनी पड़ी। परिणामस्वरूप जिले में खरीफ फसलों की बुआई का कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है और किसानों को इस वर्ष एक बेहतर फसल की उम्मीद है।

  • Related Posts

    अग्निवीर भर्ती हेतु ऑनलाईन निःशुल्क कोचिंग के लिए आवेदन आमंत्रित

      कोरबा, 22 अपै्रल 2026/भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2026-27 हेतु भर्ती प्रक्रिया चालू ह,ै जिसके लिये आवेदन ऑनलाईन पंजीयन हेतु अंतिम तिथि 10 अपै्रल निर्धारित किया गया था।…

    Read more

    नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों का उप निर्वाचन-2026 विभिन्न शाखाओं के संपादन हेतु नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त

     कोरबा 22 अप्रैल 2026/कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन)  कुणाल दुदावत द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 को सुचारू ढंग से संपन्न कराने के लिए…

    Read more

    NATIONAL

    केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

    केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

    अमित शाह का मिशन बंगाल और बूथ विजय का मास्टरप्लान : 2021 की गलतियों से लिया सबक, अब ‘दीदी ओ दीदी’ नहीं, पन्ना प्रमुखों पर भरोसा

    अमित शाह का मिशन बंगाल और बूथ विजय का मास्टरप्लान : 2021 की गलतियों से लिया सबक, अब ‘दीदी ओ दीदी’ नहीं, पन्ना प्रमुखों पर भरोसा

    कितना बचेगा गांधी परिवार-कानूनी हथकण्डों से,रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे-रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे,मछली के नाम पे छली जाएगी जनता ? वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    कितना बचेगा गांधी परिवार-कानूनी हथकण्डों से,रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे-रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे,मछली के नाम पे छली जाएगी जनता ? वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    बद्रीनाथ मंदिर के खुलने वाले है कपाट, जानें कब तक होंगे भगवान बद्रीविशाल के भक्तों को दर्शन

    बद्रीनाथ मंदिर के खुलने वाले है कपाट, जानें कब तक होंगे भगवान बद्रीविशाल के भक्तों को दर्शन

    Tim Cook का युग खत्म, अब John Ternus के हाथ में होगी Apple की कमान

    Tim Cook का युग खत्म, अब John Ternus के हाथ में होगी Apple की कमान

    Iran War : बातचीत अधर में अटकी? ट्रंप का दावा- ईरान के परमाणु ठिकाने ‘खाक’

    Iran War : बातचीत अधर में अटकी? ट्रंप का दावा- ईरान के परमाणु ठिकाने ‘खाक’