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गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह गुजरात में सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा “भारत टैक्सी” का शुभारंभ करेंगे

 

 

0‘सारथी ही मालिक’ के सिद्धांत पर आधारित भारत टैक्सी, माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करते हुए सामूहिक स्वामित्व के माध्यम से सारथियों को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान कर रही है

 

O अब तक गुजरात से 1.5 लाख से अधिक सारथी और 7 लाख से अधिक ग्राहक भारत टैक्सी से जुड़े; प्रतिदिन 3,500 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं

 

0 राज्य के 14 प्रमुख शहरों में सेवाएं संचालित; आगामी एक माह में पूरे गुजरात में विस्तार का लक्ष्य

 

0 गुजरात के 4,000 से अधिक सारथी कार्यक्रम में होंगे शामिल; सहकारिता आधारित मोबिलिटी मॉडल की सफलता के साक्षी बनेंगे

 

सर्वश्रेष्ठ सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र प्रदान कर सहकारिता आधारित स्वामित्व मॉडल को मिलेगा नया बल

 

माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 27 जून, 2026  को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर से गुजरात में देश की पहली  सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा “भारत टैक्सी” का शुभारंभ करेंगे। गुजरात में भारत टैक्सी का सॉफ्ट-लांच दिसंबर 2025 में किया गया था। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को परिवहन एवं मोबिलिटी क्षेत्र तक विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत टैक्सी सहकारिता के सिद्धांतों पर आधारित एक डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जो ‘सारथी ही मालिक’ की अवधारणा को साकार करता है। इस मॉडल के अंतर्गत टैक्सी चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म के सहभागी और स्वामी भी हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और स्वामित्व का लाभ प्राप्त होता है।

कार्यक्रम में गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र भाई पटेल, गुजरात सरकार के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी, कृषि एवं किसान कल्याण, सहकारिता, पशुपालन, गौ-संवर्धन, मत्स्य पालन एवं प्रोटोकॉल विभाग के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री जीतूभाई सावजीभाई वाघानी सहित सहकारिता क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा भारत टैक्सी से जुड़े 4,000 से अधिक सारथी भाग लेंगे।

भारत टैक्सी भारत की पहली चालक-स्वामित्व वाली राइड-हेलिंग सेवा है, जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा भारत की 8 प्रमुख सहकारी संस्थाओं — एनसीडीसी, जीसीएमएमएफ (अमूल), एनडीडीबी, नाफेड, इफको, कृभको, नाबार्ड और एनसीईएल — के सहयोग से सहकारिता के सिद्धांतों पर निर्मित एक प्लेटफॉर्म है, जो ‘सारथी ही मालिक’ की अवधारणा को साकार करता है। इस मॉडल के अंतर्गत टैक्सी चालक सेवा प्रदाता, सहभागी और प्लेटफॉर्म के स्वामी भी हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और स्वामित्व का लाभ प्राप्त होता है।

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सारथियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा तथा विभिन्न संस्थाओं के मध्य समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।

देश में सहकारिता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले गुजरात ने भारत टैक्सी के विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। देशभर में 7 लाख सारथियों में से 1.5 लाख से अधिक सारथी गुजरात से जुड़ चुके हैं तथा पूरे भारत में 37 लाख से अधिक ग्राहक भारत टैक्सी की सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं।

भारत टैक्सी का शुभारंभ गुजरात के 14 प्रमुख शहरों — अहमदाबाद, सूरत, द्वारका, वडोदरा, राजकोट, सोमनाथ, वलसाड, आनंद, जामनगर, भावनगर, नडियाद, जूनागढ़, मेहसाणा और अमरेली — में किया जाएगा। आगामी एक माह के भीतर पूरे गुजरात में इसकी सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

भारत टैक्सी, बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पंजीकृत है तथा 6 जून 2025 को स्थापित की गई थी। यह प्लेटफॉर्म शून्य-कमीशन मॉडल पर संचालित होता है, जिससे सेवा से प्राप्त आय का अधिकतम लाभ सीधे सारथियों तक पहुंचता है। इसके साथ ही सारथियों को बीमा, ऋण, पेंशन तथा विभिन्न सरकारी सामाजिक योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाता है। ग्राहकों के लिए भारत टैक्सी सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल के साथ-साथ गुजरात पुलिस के सहयोग से सुरक्षित एवं भरोसेमंद यात्रा सुनिश्चित करती है। यात्री बाइक, ऑटो और कैब सहित विभिन्न परिवहन विकल्पों में से अपनी सुविधानुसार चुनाव कर सकते हैं।

भारत टैक्सी मोबिलिटी क्षेत्र में सहकारिता आधारित विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के एक नए मॉडल को बढ़ावा दे रही है तथा परिवहन क्षेत्र में समावेशी और आत्मनिर्भर विकास का नया अध्याय लिख रही है। आगामी वर्षों में भारत टैक्सी का लक्ष्य देश के सभी राज्यों और प्रमुख शहरों में विस्तार करना, प्रत्येक राज्य में समर्पित सहायता केंद्र स्थापित करना, सारथियों की सामाजिक सुरक्षा को और सुदृढ़ करना तथा राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के साथ एकीकरण के माध्यम से एक समावेशी और सहकारिता-आधारित मोबिलिटी इकोसिस्टम का निर्माण करना है।

 

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