
जगदलपुर 03 अगस्त 2026/ बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और सकारात्मक छवि को कला के माध्यम से वैश्विक पटल पर पहुंचाने के उद्देश्य से जगदलपुर के एक निजी होटल में आयोजित ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कैनवास कार्यशाला में विभिन्न स्कूली विद्यार्थियों ने अपार उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यशाला के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ कार्टूनिस्टों और कला विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को कार्टून निर्माण और कैरिकेचर की बारीकियों से रूबरू कराया। विशेषज्ञों ने बच्चों को समझाया कि कला की शुरुआत में सटीक जीरो (सर्किल) बनाना बेहद महत्त्वपूर्ण होता है, क्योंकि जितना सटीक गोला बनेगा, चित्र में उतनी ही स्पष्टता और निखार आएगा। इसके साथ ही छात्रों को रफ स्केचिंग, आउट लाइनिंग, रंगों के सही चयन और चेहरे के विशिष्ट भावों को कैरिकेचर के जरिए उकेरने की तकनीकों को क्रमबद्ध तरीके से सिखाया गया।
इस अनूठे अनुभव को साझा करते हुए स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र वंश साहू ने बताया कि बुनियादी बातों को गहराई से समझने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और कला के प्रति उनकी रुचि और गहरी हुई है। वहीं सेजेस शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 की छात्रा भारती पांडे और पूनम ध्रुव ने बताया कि पहले उन्हें ड्राइंग की सही शुरुआत का ज्ञान नहीं था, लेकिन विशेषज्ञों द्वारा चरणबद्ध तरीके से सिखाए गए तरीकों से अब वे आसानी से कार्टून बना पा रही हैं।
इसी क्रम में सेजेस नानगुर की छात्रा अंजलि नाग और नैना मरकाम के साथ-साथ सेजेस जगदलपुर की अक्षिता बाजपेई ने बताया कि वरिष्ठ कार्टूनिस्टों का मार्गदर्शन उनकी कल्पनाशीलता को और अधिक सशक्त बनाएगा। यह कार्यशाला न केवल बच्चों की प्रतिभा को निखारने का एक मंच बनी, बल्कि कला और रंगों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की एक शांतिप्रिय और मुस्कुराती हुई नई पहचान स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।









