
अम्बिकापुर 03 जून 2026/ आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत उर्वरकों के प्रयोग से किसान अब न केवल अपनी खेती की लागत कम कर रहे हैं, बल्कि मुनाफा भी कमा रहे हैं। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत जगदीशपुर के प्रगतिशील किसान श्री पंकज राजवाड़े हैं, जिन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के सफल इस्तेमाल से अपनी किसानी को एक नई और लाभदायक दिशा दी है।
दो वर्षों से कर रहे हैं सफल प्रयोग
श्री पंकज राजवाड़े पिछले दो वर्षों से अपने खेतों में पारंपरिक भारी-भरकम खादों की बोरियों के बजाय नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का निरंतर उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन तरल नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों में बेहद शानदार और सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि इससे खेती की शुरुआती लागत में भारी कमी आई है और पैदावार बेहतर होने से मुनाफा भी तेजी से बढ़ रहा है।
हर फसल के लिए उपयोगी और छिड़काव में आसान
प्रगतिशील किसान पंकज ने बताया कि नैनो उर्वरकों का प्रयोग केवल एक-दो नहीं, बल्कि लगभग सभी प्रकार की फसलों में किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आलू, टमाटर, बैंगन, लहसुन, प्याज सहित विभिन्न व्यावसायिक फसलों एवं सभी प्रकार की सब्जियों में इसका प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में इसकी लागत कम होने से खर्च में कमी आती है, वहीं ढुलाई और भंडारण भी अधिक सुविधाजनक हो जाता है। तरल स्वरूप में उपलब्ध होने के कारण इसे पानी में घोलकर पत्तियों पर आसानी से स्प्रे किया जाता है। पौधों को पोषक तत्व सीधे प्राप्त होने से फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता में वृद्धि होती है, जिससे खेती में अधिक लाभ प्राप्त होता है।
किसान भाइयों से की मार्मिक अपील
अपनी इस सफलता से उत्साहित होकर और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से, श्री पंकज राजवाड़े ने क्षेत्र के अन्य किसान भाइयों से अपील की है। उन्होंने कहा, मैं सभी किसान भाइयों से निवेदन करता हूँ कि वे समय के साथ बदलें और नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी का अपने खेतों में उपयोग करें। इसका बहुत ही बेहतरीन रिजल्ट है। आप सभी इसका लाभ उठाएं और अपनी खेती को उन्नत बनाएं।
जगदीशपुर के किसान पंकज राजवाड़े की यह सफलता अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा है। कृषि विभाग द्वारा लगातार किसानों से आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल कृषि उत्पादों का प्रयोग करने का आग्रह किया जाता है, जिससे न केवल मिट्टी की उर्वरता शक्ति बनी रहे बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो।









