Ro no D15139/23

भविष्य के लिए तैयार: भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था 2029-30 तक राष्ट्रीय आय में पांचवें हिस्से के बराबर योगदान करेगी

नई दिल्ली । पिछले दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था खासी तेज गति से डिजिटल हो रही है। आर्थिक वृद्धि, रोजगार और सतत विकास को आगे बढ़ाने में डिजिटल अर्थव्यवस्था की भूमिका को मापना और समझना नीति निर्माताओं और निजी क्षेत्र दोनों के लिए आवश्यक है। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था रिपोर्ट 2024 के अनुसार, अर्थव्यवस्था-वार डिजिटलीकरण के मामले में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डिजिटल देश है और व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के डिजिटलीकरण के स्तर में जी20 देशों में 12वें स्थान पर है।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के समग्र अर्थव्यवस्था की तुलना में लगभग दोगुनी गति से बढ़ने की उम्मीद है, जो 2029-30 तक राष्ट्रीय आय में लगभग पांचवें हिस्से के बराबर योगदान देगी। इसका मतलब है कि छह साल से भी कम समय में, देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा कृषि या विनिर्माण से ज्यादा हो जाएगा। अल्पावधि में, सबसे अधिक वृद्धि डिजिटल इंटरमीडियरीज और प्लेटफार्मों के विकास से आने की संभावना है, इसके बाद बाकी अर्थव्यवस्था का ज्यादा डिजिटल प्रसार और डिजिटलीकरण होगा। इससे अंततः डिजिटल अर्थव्यवस्था में डिजिटल रूप से सक्षम आईसीटी उद्योगों की हिस्सेदारी कम हो जाएगी।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था इसकी आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले के रूप में उभरी है, जिसकी 2022-23 में जीडीपी (31.64 लाख करोड़ रुपये या 402 बिलियन अमेरिकी डॉलर) में 11.74% हिस्सेदारी थी। 14.67 मिलियन श्रमिकों (कार्यबल का 2.55%) को रोजगार देने वाली डिजिटल अर्थव्यवस्था बाकी अर्थव्यवस्था की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक उत्पादक है। आईसीटी सेवाओं और मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक घटकों, कंप्यूटर और संचार उपकरणों के विनिर्माण जैसे डिजिटल रूप से सक्षम उद्योगों ने जीवीए (सकल मूल्य वर्धित) में 7.83% का योगदान दिया, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म और इंटरमीडियरीज ने जीवीए में 2% योगदान दिया है। इसके अलावा, बीएफएसआई, खुदरा और शिक्षा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में डिजिटलीकरण ने जीवीए में 2% की वृद्धि की, जो डिजिटल परिवर्तन के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। अनुमानों से संकेत मिलते हैं कि 2029-30 तक डिजिटल अर्थव्यवस्था की हिस्सेदारी जीवीए के 20% तक बढ़ जाएगी, जो कृषि और विनिर्माण से आगे निकल जाएगी। विकास के प्रमुख संचालकों में एआई, क्लाउड सेवाओं को तेजी से अपनाना और वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) का उदय शामिल है, जिसमें भारत दुनिया के 55% जीसीसी की मेजबानी करता है। जीसीसी बहुराष्ट्रीय निगमों द्वारा अपने मूल संगठनों को विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करने के लिए स्थापित अपतटीय केंद्र हैं, जिनमें आरएंडडी, आईटी सहायता और व्यवसाय प्रक्रिया प्रबंधन शामिल हैं।

  • Related Posts

    JDU विधायक दल का नेता कौन होगा? जानिए किसका नाम है सबसे आगे

    Bihar Politics: पटना में जेडीयू ने आज विधायक दल की बैठक बुलाई है, जो कि बेहद खास मानी जा रही है. इस बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा. राजनीतिक…

    Read more

    ईरान में तख्तापलट की आहट: IRGC के पास देश की कमान, विदेश मंत्री अराघची साइडलाइन; अब क्या करेगा अमेरिका?

    Iran: द न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में रीजनल एनालिस्ट्स के हवाले से बताया गया है कि ईरान की कट्टरपंथी सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने देश की मिलिट्री और…

    Read more

    NATIONAL

    JDU विधायक दल का नेता कौन होगा? जानिए किसका नाम है सबसे आगे

    JDU विधायक दल का नेता कौन होगा? जानिए किसका नाम है सबसे आगे

    ईरान में तख्तापलट की आहट: IRGC के पास देश की कमान, विदेश मंत्री अराघची साइडलाइन; अब क्या करेगा अमेरिका?

    ईरान में तख्तापलट की आहट: IRGC के पास देश की कमान, विदेश मंत्री अराघची साइडलाइन; अब क्या करेगा अमेरिका?

    विदेशी मां का बेटा… ,रसूखदार को सजा नहीं… शनिदेव का न्याय…. लपेटे में राहुल गांधी… वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    विदेशी मां का बेटा… ,रसूखदार को सजा नहीं… शनिदेव का न्याय…. लपेटे में राहुल गांधी… वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    बंगाल के सिंहासन को लहू सिंचती भी है और प्लावन कर कुशासन को जड़ समेत निर्मूल भी।

    बंगाल के सिंहासन को लहू सिंचती भी है और प्लावन कर कुशासन को जड़ समेत निर्मूल भी।

    जो डर गया वो मर गया, जो डरा नहीं वो जीत गया : जय बांग्ला !

    जो डर गया वो मर गया, जो डरा नहीं वो जीत गया : जय बांग्ला !

    ट्रंप के ‘होर्मुज’ दावे पर भड़का ईरान; कहा- 1 घंटे में बोले 7 झूठ, अब हमारी मर्जी से चलेंगे जहाज

    ट्रंप के ‘होर्मुज’ दावे पर भड़का ईरान; कहा- 1 घंटे में बोले 7 झूठ, अब हमारी मर्जी से चलेंगे जहाज