
एक लाख 83 हजार 400 रोजगार होंगे सृजित
“टेक इन्वेस्ट मध्यप्रदेश विभागीय शिखर सम्मेलन का आयोजन
25 हजार 600 करोड़ रुपये के मिले निवेश प्रस्ताव
भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का भोपाल में आयोजन हुआ है और इसका लाभ सभी क्षेत्रों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की राजधानी भोपाल की बदलती पहचान का ज़िक्र करते हुए कहा कि अब यहां की पहचान निवेश, उद्योग और व्यापार से हो रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के शिखर सम्मेलन “टेक इन्वेस्ट मध्यप्रदेश” में आईटी और टेक क्षेत्र के उद्योगपतियों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी एक अलग प्रकार की दुनिया है और इस क्षेत्र में निवेश और विस्तार की अनंत संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने आईटी के क्षेत्र में बनाई गई नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि बाकी राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश ने सबसे अच्छी पॉलिसी बनाई है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों का लाभ निवेशकों को मिलेगा। आईटी सेक्टर के विस्तार के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन जगहों पर आईटी के क्षेत्र में चुनौतियां आती थीं, आज वहां भी आईटी हब बन रहे हैं।
विभागीय शिखर सम्मेलन में भारत को अगली प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनने के मध्यप्रदेश के दृष्टिकोण पर चर्चा की गई। विभिन्न संस्थाओं से निवेश प्रस्ताव प्राप्त किये एवं एमओयू साइन किये गये। सत्र में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, एवीजीसी-एक्सआर, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के लिए मध्यप्रदेश को वैश्विक केंद्र पर आयोजित सत्रों में विभिन्न पेनालिस्ट ने अपने विचार साझा किये।
शिखर सम्मेलन में विभिन्न प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में कुल 25 हजार 640 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे लगभग एक लाख 83 हजार 400 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आईटी और आईटीएस क्षेत्र में 5500 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ। इससे अनुमानित 93 हजार रोजगार सृजित होंगे। ईएसडीएम क्षेत्र में 14 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे लगभग 14 हजार रोजगार सृजित होंगे। डेटा सेंटर के लिये 6800 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिसमें 2900 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जीसीसी में 700 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे 40 हजार 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। एबीजीसी-एक्सआर में 110 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिसमें 3000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ड्रोन सेक्टर में 180 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
मध्यप्रदेश भारत की डिजिटल क्रांति में सबसे आगे : श्री दुबे
अपर मुख्य सचिव विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने राज्य को आईटी क्षेत्र में अग्रणी बनाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भारत की डिजिटल क्रांति में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवाओं की गांरटी प्रदान करने वाला देश में पहला राज्य है। यहां भूमि के पंजीकरण एवं नामांतरण की व्यवस्था ऑनलाइन है। राष्ट्रीय सेवा वितरण मूल्यांकन 2025 में देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। देश का सबसे स्वच्छतम शहर इंदौर एवं स्वच्छतम राजधानी भोपाल स्थित है। यहा के टियर टू शहर राज्य की स्थिति को तकनीकी गंतव्य के रूप में मजबूत कर रहे है। एसीएस श्री दुबे ने भारत में जीसीसी इण्डस्ट्री के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मध्यप्रदेश की जीसीसी नीति के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डाला। मध्यप्रदेश में दी जा रही निवेश सुविधाओं के बारे में अवगत कराया।
अपर मुख्य सचिव श्री दुबे ने कहा कि राज्य ने प्रभावशाली आईटी, आईटीएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति-2023, जीसीसी नीति-2025, एबीजीसी एक्सआर नीति-2025, ड्रोन प्रमोशन और उपयोग नीति 2025 और समीकंडक्टर नीति 2025 लांच की है। यह नीतियाँ वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने एवं राज्य में विकसित पारिस्थितिक तंत्र बनाने में सहयोग प्रदान कर रही है। नीतियों में कैपेक्स, भूमि और ब्याज छूट, प्लग-एंड-प्ले सुविधा आदि का प्रावधान किया गया है।









