Ro no D15139/23

ईरान ने इजरायल पर फतह-1 दागने का किया दावा, आवाज से भी तेज है इस हाइपरसोनिक मिसाइल की रफ्तार

एजेंसी। ईरान ने अपनी सबसे खतरनाक मिसाइल ‘फतह-1 को इजरायल पर दागने का दावा किया है। यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है, जिसे ईरान ने ‘इजरायल-स्ट्राइकर की उपाधि दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर ईरान का दावा सही है तो यह पहली बार है जब इस मिसाइल का मौजूदा संघर्ष में उपयोग किया गया है। इससे पहले अक्तूबर 2024 में भी इसे यरुशलम पर दागा गया था।

विशेषज्ञों का कहना है, फतह-1 मिसाइल का इस्तेमाल या दावा, दोनों ही इस बात का संकेत हैं कि पश्चिम एशिया एक बार फिर एक बड़ी जंग की ओर बढ़ रहा है। वहीं, इजरायल ने अब तक कोई ऐसी मिसाइल सार्वजनिक रूप से पेश नहीं की है जिसे ‘हाइपरसोनिक श्रेणी में रखा जा सके। यानी ऐसी मिसाइल जिसकी गति आवाज की गति से 5 गुना ज्यादा हो और जो उड़ान के दौरान दिशा बदल सके।

खासियत

रेंज: 1,400 किलोमीटर

गति: 6,100 किलोमीटर प्रति घंटा

विशेषता: उड़ान के दौरान दिशा बदलने में सक्षम, इंटरसेप्ट करना मुश्किल

आयरन डोम के लिए भी चुनौती

– फतह-1 इजरायल के आयरन डोम जैसे हवाई रक्षा तंत्रों के लिए बड़ी चुनौती

– आयरन डोम के लिए हाइपरसोनिक मिसाइलों को रोकना कठिन कार्य

ईरान की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल

खामेनेई ने खुद दिया नाम

फतह-1 को 2023 में पहली बार सार्वजनिक किया गया था और इसका नाम खुद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रखा था। इसे ईरान की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल माना जाता है, जिसकी रफ्तार, सटीकता और दुश्मन की मिसाइल डिफेंस को चकमा देने की क्षमता इसे बेहद खतरनाक बनाती है।

तेल अवीव 400 सेकंड में

तेहरान में इस मिसाइल के अनावरण के समय एक विशाल बैनर लगाया गया था, जिस पर हिब्रू में लिखा था, ‘तेल अवीव तक 400 सेकंड में। इसका मतलब है कि फतह-1 इतनी तेज गति से इजरायल तक पहुंच सकता है कि उसे रोकने के लिए इजरायल के पास बहुत कम समय रहेगा।

विस्फोटक विशेषज्ञ ट्रेवर बॉल बताते हैं कि यह ईरान की सबसे नई मिसाइलों में से एक है। अगर यह इस्तेमाल की गई और नाकाम रही, तो इजरायल को इसकी क्षमताओं का पूरा अंदाजा हो जाएगा। ईरान इस मिसाइल का इस्तेमाल कर ‘प्रोपेगेंडा कर सकता है, लेकिन जोखिम भी बड़ा है।

  • Related Posts

    परेशान हैं, अंदर से टूटे,आत्महत्या की आ गई नौबत; ये है हल, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

      *{शत शत नमन – 3 अप्रैल 1680 को 50 वर्ष की आयु में छत्रपति शिवाजी महाराज का स्वर्गवास हुआ था। शत शत नमन}* क्या आप अंदर से परेशान हैं…

    Read more

    54 साल बाद एस्ट्रोनॉट्स सहित मून मिशन पर NASA, अंतरिक्ष में पहुंचा Artemis II, क्यों खास है यह मिशन?

    NASA Artemis-II: 50 साल से अधिक समय बाद अमेरिका के अंतरिक्ष यात्री फिर से चंद्रमा के चारों ओर की यात्रा पर निकल गए. नासा ने बुधवार को आर्टेमिस-II मिशन के तहत…

    Read more

    NATIONAL

    परेशान हैं, अंदर से टूटे,आत्महत्या की आ गई नौबत; ये है हल, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    परेशान हैं, अंदर से टूटे,आत्महत्या की आ गई नौबत; ये है हल, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    54 साल बाद एस्ट्रोनॉट्स सहित मून मिशन पर NASA, अंतरिक्ष में पहुंचा Artemis II, क्यों खास है यह मिशन?

    54 साल बाद एस्ट्रोनॉट्स सहित मून मिशन पर NASA, अंतरिक्ष में पहुंचा Artemis II, क्यों खास है यह मिशन?

    बिहार के 11 MLC सीटों पर सियासी खेल शुरू, NDA vs महागठबंधन में कौन पड़ेगा भारी?

    बिहार के 11 MLC सीटों पर सियासी खेल शुरू, NDA vs महागठबंधन में कौन पड़ेगा भारी?

    बंगाल में न्यायाधीशों के काफिले पर हमला, मालदा में 100 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त

    बंगाल में न्यायाधीशों के काफिले पर हमला, मालदा में 100 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त

    बंगाल में युवा और महिला पर भाजपा का फोकस, संकल्प पत्र में इन योजनाओं की घोषणा संभव

    बंगाल में युवा और महिला पर भाजपा का फोकस, संकल्प पत्र में इन योजनाओं की घोषणा संभव

    क्रीमिया में क्रैश हुआ रूस का मिलिट्री विमान, चट्टाने से टकराया; 29 की मौत

    क्रीमिया में क्रैश हुआ रूस का मिलिट्री विमान, चट्टाने से टकराया; 29 की मौत