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जशपुर जम्बुरी छू रहा सफलता की उंचाई पर्यटकों ने चार दिनों तक प्रकृति की गोद में एडवेंचर का भरपूर आनंद लिया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पर्यटन को दे रहे बढ़ावा

जशपुरनगर 09 नवम्बर 2025/ तीसरे दिन की शुरुआत हुई देश देखा से, जहाँ प्रतिभागियों ने स्वादिष्ट स्थानीय नाश्ता किया और हल्की-फुल्की गतिविधियों के साथ दिन की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जशपुर जम्बुरी का आयोजन किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में और जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार दिशा निर्देश में 6 से 9 नवम्बर तक सफलता पूर्वक जशपुर जम्बुरी कार्यक्रम का संचालन किया गया।
वन मंडला अधिकारी श्री शशि कुमार,डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा और रोजगार अधिकारी सुश्री दुर्गेशवरी सिंह सक्रिय  रूप से शामिल रहे, जिन्होंने सभी गतिविधियों के सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं में योगदान दिया।
हमारे सहयोगियों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाईरू ट्रिप्पी हिल्स ने ऑन-ग्राउंड संचालन, लॉजिस्टिक्स और प्रचार-प्रसार में व्यापक योगदान दिया, जिससे हर गतिविधि व्यवस्थित और यादगार बनी। वहीं, होमस्टेज़ ऑफ़ इंडिया ने प्रचार, ब्रांडिंग और आउटरीच में सहयोग किया इसके साथ ही स्थानीय मीडिया ने भी जम्बुरी के प्रचार प्रसार में विशेष सहयोग दिया है। जशपुर जम्बुरी को सफल बनाने में जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों का विशेष योगदान दिया है। जिसके कारण जशपुर जम्बुरी सफलता की ऊंचाई छू रहा है।
नाश्ते के बाद प्रतिभागियों ने रोमांचक रॉक क्लाइम्बिंग, जुमारिंग, रैपलिंग, ज़िपलाइनिंग और बोल्डरिंग जैसी गतिविधियों में भाग लिया, जिससे देश देखा जीवंत और उत्साहपूर्ण हो उठा।
सुबह के रोमांच के बाद प्रतिभागियों को दो समूहों में बाँटा गया।
पहला समूह रवाना हुआ मयाली की ओर, जहाँ उन्होंने कयाकिंग, एक्वा साइकिलिंग, एटीवी राइड्स, पेंटबॉल, पैरामोटरिंग और हॉट एयर बैलूनिंग का आनंद लिया। मयाली डैम के किनारे परोसे गए स्वादिष्ट स्थानीय भोजन के बाद यह समूह शाम तक वापस देश देखा लौट आया।
दूसरा समूह देश देखा से सारूडीह, रानीदाह और जशपुर संग्रहालय गया, जहाँ प्रतिभागियों ने जशपुर की सांस्कृतिक विरासत, कला और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव किया।
शाम को सभी प्रतिभागी सरना एथनिक रिज़ॉर्ट पहुँचे, जहाँ महिला स्वसहायता समूह (ैभ्ळ) द्वारा प्रस्तुत अद्भुत आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम ने वातावरण को जीवंत कर दिया। रंगीन परिधान, ढोल की थाप और ऊर्जा से भरे नृत्य ने जशपुर की असली आत्मा को मंच पर प्रस्तुत किया।
रात ढलते-ढलते दोनों समूह फिर देश देखा में मिले। सितारों से भरे आसमान के नीचे जलती कैम्पफायर की गर्माहट, हंसी-मज़ाक और अनुभवों की बातें दिन का समापन यादगार बना गईं।

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