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कृषि क्रांति की ओर जशपुरः किसानों ने रायपुर में किया अध्ययन भ्रमण कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से आय बढ़ाने के नए विकल्प को जाना औषधीय-सुगंधित फसलों की वैज्ञानिक खेती और सुनिश्चित बाजार से जुड़ाव पर फोकस

जशपुरनगर 05 मई 2026/ जिला प्रशासन द्वारा “आत्मा योजना” एवं “कृषि क्रांति अभियान” के अंतर्गत जिले के चयनित किसानों को रायपुर स्थित सेमीना एग्रो कंपनी में अध्ययन भ्रमण हेतु भेजा गया। इस पहल का उद्देश्य किसानों को उच्च मूल्य वाली औषधीय एवं सुगंधित फसलों की वैज्ञानिक खेती से परिचित कराना और उन्हें कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के माध्यम से सुनिश्चित बाजार से जोड़ना है। अध्ययन भ्रमण के दौरान कंपनी के विशेषज्ञों ने किसानों को मोरिंगा, पपीता, लेमनग्रास, पिपरमिंट, पचौली, अश्वगंधा, तुलसी और रोसेला जैसी फसलों की उन्नत खेती, लागत-लाभ विश्लेषण तथा बाजार की संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। किसानों को यह भी समझाया गया कि इन फसलों की मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से बढ़ रही है, जिससे आय के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
उप संचालक कृषि जशपुर ने बताया कि अध्ययन भ्रमण दौरान किसानों को विशेष रूप से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इस प्रणाली में कंपनियां फसल को पूर्व निर्धारित दर (बायबैक) पर खरीदती हैं। इससे किसानों को बाजार की अनिश्चितता से राहत मिलती है और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित रूप से प्राप्त होता है। इस पहल को आगामी खरीफ/मानसून सत्र 2026-27 की कार्ययोजना से भी जोड़ा गया है, जिसके अंतर्गत जिले में क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत लेमनग्रास, पाल्मारोसा, पचौली, यूकेलिप्टस सिट्रियोडोरा, हल्दी, अदरक, तुलसी, सतावर एवं सर्पगंधा जैसी फसलों के उत्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी।
उप संचालक कृषि ने बताया कि  विकासखंड स्तर पर इच्छुक किसानों का चयन कर उनकी सहमति के साथ जानकारी संकलित की जा रही है, ताकि उन्हें फील्ड विजिट, तकनीकी प्रशिक्षण और कंपनियों के साथ अनुबंधित खेती से जोड़ा जा सके। इसके साथ ही एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से अनुबंध एवं मूल्य संवर्धन गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि क्रांति अभियान के अंतर्गत यह अध्ययन भ्रमण किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर व्यावसायिक और निर्यातोन्मुख कृषि की दिशा में प्रेरित कर रहा है। इससे जिले में कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होने की संभावना है। उप संचालक ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि किसान नई तकनीकों, आधुनिक कृषि पद्धतियों और बाजार के अवसरों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।

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